देश में टीबी के खिलाफ लड़ाई में महत्वूर्ण प्रगति हुई है, लेकिन यह बीमारी अब भी एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2015 से 2023 के बीच देश में टीबी के मामलों में 17.7% की कमी आई है। बावजूद 2025 तक टीबी को खत्म करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभी भी लंबा सफर तय करना बाकी है। सिटी एक्स-रे और स्कैन क्लिनिक द्वारा पिछले छह महीनों में किए गए सर्वे के अनुसार 21% बच्चे और 14% वयस्क मामलों में माइक्रो-बायोलॉजिकल रूप से टीबी की पुष्टि हुई है। वहीं, लेटेंट टीबी के लिए IGRA जांच में 23% बच्चों और 43% वयस्कों में संक्रमण पाया गया।
क्या हैं योजनाएं ?
जानकारी के मुताबिक, सरकार की पोषण सहायता योजना के तहत अप्रैल 2018 से हर टीबी मरीज को 500 रुपये प्रति माह दिए जाने की योजना थी। यह सहायता इसलिए दी जाती है क्योंकि अधिकांश टीबी मरीज कुपोषण से पीड़ित होते हैं और पोषण बेहतर होने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। लेकिन सरकार द्वारा इस योजना का पूरा लाभ मरीजों तक नहीं पहुंचाया गया।
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