कोरोना वायरस के नये ओमिक्रॉन सब-वैरिएंट जेएन1 के मामले भारत समेत विश्व स्तर पर बढ़ रहे हैं। इसलिए कई लोगों के बीच 2024 की शुरुआत में संभावित कोविड लहर का डर है जो एक बार फिर जिंदगी को पटरी से उतार सकता है। देश में बीते 24 घंटों कोविड-19 के 841 नए मामले दर्ज किए गए, जिससे रविवार को कुल एक्टिव मामलों की संख्या 4,309 हो गई। भारत में अब तक जेएन1 के कुल 178 मामले सामने आए हैं। जिसमें केरल में सबसे अधिक 83 मामले दर्ज किए गए हैं।
दुनिया के किन देशों में बढ़ रहा JN.1
विश्व स्तर पर अमेरिका, कुछ यूरोपीय देश, सिंगापुर और चीन से जेएन1 के मामले सामने आए हैं। डब्ल्यूएचओ में कोविड-19 तकनीकी प्रमुख मारिया वैन केरखोव ने शनिवार को कहा, ''सीमित संख्या में रिपोर्ट करने वाले देशों से, पिछले महीने में कोविड-19 अस्पताल में भर्ती होने और आईसीयू में मरीजों के प्रवेश में 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि सीएआरएस-सीओवी-2, इन्फ्लूएंजा और अन्य श्वसन रोगी लगातार बढ़ रहे हैं।
तेजी से फैलता है नया वेरिएंट JN.1
आप खुद को संक्रमण और गंभीर बीमारी से बचा सकते हैं। जोखिम के आधार पर हर 6-12 महीनों में मास्क, वेंटिलेट, टेस्ट, इलाज, वैक्सीन की डोज को बढ़ावा दें। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की पूर्व महानिदेशक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन के अनुसार, जेएन1 कोविड-19 वैरिएंट अन्य वैरिएंट की तुलना में अधिक संक्रामक है।
भारत में क्या है वर्तमान स्थिति
जब तक जेएन1 'चिंता का विषय' नहीं बन जाता। तब तक इससे आम आदमी को परेशान नहीं होना चाहिए। एक्सपर्ट ने बताया कि भारत में कई शक्तिशाली देशों की तुलना में कोविड-19 महामारी का बेहतर प्रबंधन किया है। भारत में कोविड-19 के खिलाफ सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन किया गया है। जिसमें 75 प्रतिशत आबादी को पूरी तरह से वैक्सीन की डोज दी है और 35 प्रतिशत आबादी को बूस्टर (तीसरी डोज) मिली है।
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