14.8 किलो सोने की तस्करी करने के आरोप में कन्नड़ अभिनेत्री रान्या राव को गिरफ्तार किया गया है. यह गिरफ्तारी केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से हुई. उनके पास से 14.8 किलो सोना जब्त किया गया है. वह 3 मार्च की रात दुबई से बेंगलुरू पहुंची थीं. राजस्व खुफिया निदेशालय के अधिकारियों के मुताबिक, एक्ट्रेस ने कपड़ों में सोने को छिपा रखा था. कई बार दुबई आने-जाने के बाद कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को शक हुआ और उसके बाद कार्रवाई की गई.
कार्रवाई के बाद जब्त 14.8 किलो सोने का क्या होगा?
सोने की स्मगलिंग करने वाले तस्करों पर कार्रवाई के बाद इसे कड़ी सुरक्षा के बीच कस्टम डिपार्टमेंट के स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है. यह तब तक यहां रखा रहता है जब तक मामला प्रक्रिया आगे न बढ़े. सोना स्ट्रॉन्ग रूम में पहुंचने के बाद उस शख्स को शोकॉज नोटिस जारी किया जाता है जिसके पास इसे जब्त किया जाता है.
मीडिया रिपोर्ट में कस्टम डिपार्टमेंट के एक अधिकारी का कहना है, आरोपी को कस्टम डिपार्टमेंट को यह बताना पड़ता है कि उसके पास इतना सोना कहां से आया. इसका जवाब लिखित रूप में जमा करना पड़ता है. जवाब के आधार पर तय होता है कि उसे सोना वापस मिलेगा या नहीं. अगर उसके जवाब से अथॉरिटी सहमत है तो वापस मिल सकता है. अगर कानून के विरुद्ध है तो सोना वापस नहीं दिया जाता.
ऐसी स्थिति में सोना कस्टम के डिस्पोजल डिपार्टमेंट में भेज दिया जाता है और इसे डिस्पोज करने की कार्यवाही आगे बढ़ती है. इस सोने पर सील लगाकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की टकसाल में भेज दिया जाता है. इसके बाद इसे 999.5 प्यूरिटी वाले गोल्ड बार्स में कंवर्ट किया जाता है. अब आरबीआई इसे वापस कस्टम डिपार्टमेंट को भेजता है. इसके बाद कंफर्म भी किया जाता है कि सोना कस्टम डिपार्टमेंट को मिला है या नहीं.
वापस RBI के पास भेजा जाता है गोल्ड और होती है नीलामी
कस्टम डिपार्टमेंट की मुहर लगने के बाद सोने के ईंटों को वापस आरबीआई को भेज दिया जाता है. अब भारतीय रिजर्व बैंक इसे नीलाम करता है. इसके लिए बाकयदा आरबीआई टेंडर निकालता है. बिड डाली जाती हैं. सबसे अधिक बोली लगाने वाला व्यक्ति राशि का भुगतान करके सोना हासिल कर लेता है. इसमें से सर्विस चार्ज हटाने के बाद बैंक पूरा अमाउंट कस्टम डिपार्टमेंट को भेज देता है.
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