Agnipath Scheme Latest News: अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए लाखों अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार और तीनों सेनाओं में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद स्थायी नियुक्ति (Retention) की मौजूदा सीमा बढ़ाने पर गंभीर चर्चा चल रही है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो अब सिर्फ 25% अग्निवीर ही नहीं, बल्कि 50% से लेकर 75% तक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में सेना में बनाए रखा जा सकता है। यह चर्चा ऐसे समय हो रही है, जब 2023 में भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीर इस वर्ष (2026) अपना चार साल का कार्यकाल पूरा करने जा रहे हैं। ऐसे में लाखों युवाओं की नजर अब सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।
क्या बदल सकता है? समझिए पूरा मामला
फिलहाल अग्निपथ योजना के नियमों के अनुसार चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों में से अधिकतम 25% को ही मेरिट, प्रदर्शन और सेना की आवश्यकता के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जा सकता है। लेकिन अब सेना के भीतर इस सीमा को बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- भारतीय नौसेना करीब 75% अग्निवीरों को स्थायी करने के पक्ष में है। भारतीय थल सेना और भारतीय वायुसेना मौजूदा सीमा को बढ़ाकर करीब 50% करने का सुझाव दे सकती हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
रिटेंशन बढ़ाने की जरूरत क्यों महसूस हुई?
पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों ने देशभर में विभिन्न सैन्य अभियानों, प्रशिक्षण और तकनीकी जिम्मेदारियों में हिस्सा लिया है।
सैन्य अधिकारियों का मानना है कि-
अग्निवीर आधुनिक हथियारों के संचालन में प्रशिक्षित हो चुके हैं।
नई तकनीकों और युद्ध प्रणाली की अच्छी समझ विकसित कर चुके हैं।
उन्हें दोबारा प्रशिक्षित करने की बजाय सेवा में बनाए रखना अधिक व्यावहारिक और प्रभावी होगा।
इससे सेना की ऑपरेशनल क्षमता और दक्षता दोनों मजबूत होंगी।
इन्हीं कारणों से स्थायी भर्ती की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
पहला अग्निवीर बैच क्यों है सबसे अहम?
अग्निपथ योजना वर्ष 2022 में लागू हुई थी और 2023 की शुरुआत में पहले बैच की ट्रेनिंग शुरू हुई। अब यही पहला बैच 2026 में चार साल का कार्यकाल पूरा करेगा। पहली बार यह तय होगा कि कितने अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में सेना में रखा जाएगा और कितनों को सेवा से मुक्त किया जाएगा। इसी वजह से यह फैसला लाखों वर्तमान और भविष्य के अभ्यर्थियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
थल सेना में 90 हजार नई भर्ती की तैयारी
अग्निवीरों की भर्ती को और गति देने के लिए भारतीय थल सेना भी बड़े स्तर पर भर्ती की तैयारी कर रही है।
जानकारी के अनुसार-
पिछले प्रशिक्षण वर्ष में लगभग 70 हजार अग्निवीर प्रशिक्षण में थे।
अगले प्रशिक्षण वर्ष में करीब 90 हजार नई भर्तियां करने की योजना है।
इसका उद्देश्य सेना में मौजूद लगभग 1.8 लाख जवानों की कमी को अगले दो वर्षों में चरणबद्ध तरीके से पूरा करना है।
अग्निवीरों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिल रही हैं?
पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के कल्याण के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
इनमें शामिल हैं-
विभिन्न बैंकों के साथ विशेष MoU।
आसान ऋण और वित्तीय सुविधाएं।
सेवा के दौरान नियमित सैनिकों के समान भत्ते।
छुट्टियों और अन्य सुविधाओं में समानता।
कौशल विकास और भविष्य के रोजगार के लिए विशेष प्रावधान।
क्या है अग्निपथ योजना?
अग्निपथ योजना की शुरुआत 2022 में भारतीय सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के नए मॉडल के रूप में की गई थी।
इस योजना के तहत-
युवाओं को चार वर्ष के लिए सेना में सेवा का अवसर मिलता है।
भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीर कहा जाता है।
सेवा पूरी होने के बाद सभी अग्निवीर सेवा से मुक्त होते हैं।
इसके बाद योग्यता, प्रदर्शन, मेडिकल फिटनेस और सेना की आवश्यकता के आधार पर निर्धारित संख्या में अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में दोबारा नियुक्त किया जाता है।
अगर रिटेंशन बढ़ा तो किसे होगा सबसे बड़ा फायदा?
यदि सरकार स्थायी भर्ती की सीमा बढ़ाने का फैसला करती है, तो-
अधिक संख्या में अग्निवीरों को सेना में करियर जारी रखने का मौका मिलेगा।
नौकरी की सुरक्षा बढ़ेगी।
प्रशिक्षित सैनिकों का अनुभव सेना के पास बना रहेगा।
नई भर्ती और प्रशिक्षण पर होने वाला खर्च भी कम हो सकता है।
अग्निपथ योजना को लेकर युवाओं का भरोसा और आकर्षण बढ़ सकता है।
अभी क्या है और क्या बदल सकता है?
| विषय | वर्तमान नियम | प्रस्तावित बदलाव (चर्चा) |
|---|---|---|
| स्थायी भर्ती | अधिकतम 25% | 50% से 75% तक |
| पहला बैच | 2023 | 2026 में 4 साल पूरे |
| थल सेना भर्ती | 70 हजार (पिछला प्रशिक्षण वर्ष) | 90 हजार नई भर्ती की तैयारी |
| उद्देश्य | सीमित रिटेंशन | अनुभवी अग्निवीरों को अधिक संख्या में बनाए रखना |
क्या अभी नियम बदल गए हैं?
नहीं। फिलहाल 25% रिटेंशन का नियम ही लागू है। 50% या 75% तक स्थायी भर्ती बढ़ाने को लेकर अभी केवल चर्चा और प्रस्तावों की खबरें सामने आई हैं। सरकार या रक्षा मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में अंतिम फैसला आने के बाद ही नए नियम लागू होंगे।