जम्मू-कश्मीर: तीन जुलाई से शुरू होने जा रही पवित्र अमरनाथ यात्रा को लेकर केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था तैयार की है। गृह मंत्रालय ने यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा योजना लागू की है। यात्रा मार्ग, बेस कैंप और दर्शन स्थलों पर सेना, केंद्रीय अर्धसैनिक बलों और जम्मू-कश्मीर पुलिस के कुल 55 हजार से अधिक जवान तैनात किए जाएंगे। सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि संभावित आतंकी खतरों से निपटने के लिए विशेष रणनीति तैयार कर ली गई है।
55 हजार जवानों के हवाले होगी यात्रियों की सुरक्षा
अमरनाथ यात्रा के दौरान सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ और अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों के 50 हजार से अधिक जवान तैनात रहेंगे। इनके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियां भी लगातार निगरानी करेंगी। यात्रा मार्ग पर हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक और मानवीय खुफिया तंत्र दोनों का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आतंकी खतरे को देखते हुए विशेष रणनीति तैयार
खुफिया एजेंसियों के अनुसार जम्मू-कश्मीर में अभी भी लगभग 50 विदेशी आतंकवादी और कई ओवर ग्राउंड वर्कर सक्रिय हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि यात्रा के दौरान हैंड ग्रेनेड, आईईडी, फिदायीन हमले और ड्रोन अटैक जैसे खतरे सामने आ सकते हैं। इन्हीं संभावनाओं को देखते हुए यात्रा सुरक्षा के लिए विशेष एंटी-ड्रोन और बम निरोधक तंत्र को सक्रिय किया गया है।
8 जून को सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करेंगे अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 8 जून को अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर उच्चस्तरीय बैठक करेंगे। बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्य सचिव, डीजीपी, सेना, सीआरपीएफ, बीएसएफ और विभिन्न खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। इस दौरान यात्रा मार्ग, सुरक्षा इंतजाम और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की समीक्षा की जाएगी।
ड्रोन से लेकर आईईडी तक हर खतरे पर नजर
सुरक्षा एजेंसियों ने यात्रा के लिए मल्टी एजेंसी समन्वय प्रणाली तैयार की है। सीमा पार से आने वाले ड्रोन की निगरानी की जाएगी। हैंड ग्रेनेड और आईईडी हमलों को रोकने के लिए विशेष बम निरोधक दस्ते तैनात रहेंगे। वाहनों में लगाए जा सकने वाले चिपकू बमों की पहचान के लिए विशेष जांच दल सक्रिय रहेंगे। साथ ही ओवर ग्राउंड वर्कर्स पर नजर रखने के लिए तकनीकी और मानवीय दोनों तरह की खुफिया जानकारी जुटाई जाएगी।
शिविरों और यात्रा मार्ग पर रहेगा त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा
श्रद्धालुओं के शिविरों के आसपास तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाएगी। यात्रा मार्ग पर खोजी कुत्तों की तैनाती होगी, जबकि ड्रोन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी तंत्र और स्कैनर लगाए जाएंगे। केंद्रीय बलों के प्रशिक्षित शूटर भी तैनात किए जाएंगे, जिन्हें जरूरत पड़ने पर संदिग्ध ड्रोन को मार गिराने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।