नई दिल्ली: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री Narendra Modi ने देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में केंद्र सरकार और नागरिकों के सामूहिक प्रयासों से देश के हरित आवरण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही कई दुर्लभ वन्यजीव प्रजातियों के संरक्षण में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की सराहना
प्रधानमंत्री ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए समर्पित लोगों के प्रयास प्रेरणादायक हैं। उन्होंने विश्व पर्यावरण दिवस को प्रकृति के प्रति जिम्मेदारियों को याद करने और सतत विकास के संकल्प को मजबूत करने का अवसर बताया। पीएम मोदी ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।
वन क्षेत्र बढ़ाने में मिली सफलता
प्रधानमंत्री के अनुसार बीते वर्षों में देश में वन क्षेत्र और हरित आवरण बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलाई गईं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अभियानों ने सकारात्मक परिणाम दिए हैं। सरकार का लक्ष्य विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ना है।
वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों का किया उल्लेख
पीएम मोदी ने कई महत्वपूर्ण वन्यजीव संरक्षण कार्यक्रमों का जिक्र करते हुए कहा कि इन प्रयासों से जैव विविधता को मजबूत करने में मदद मिली है। उन्होंने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुआ, स्लॉथ बियर और चीता संरक्षण कार्यक्रमों का विशेष उल्लेख किया। उनके अनुसार इन अभियानों ने वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को बताया सफल पहल
प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की जनभागीदारी वाली पहलें हर वर्ष लगभग 1.19 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र बढ़ाने में मददगार साबित हो रही हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने की अपील भी की।
गृह मंत्रालय का सात करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
पर्यावरण दिवस के अवसर पर गृह मंत्रालय और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों ने देशभर में पांच लाख से अधिक पौधे लगाए। यह अभियान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah के नेतृत्व में चल रहे वृक्षारोपण कार्यक्रम का हिस्सा है। इस वर्ष सात करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे देश में हरित क्षेत्र का और विस्तार हो सके।