भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी और बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने शनिवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट जारी किया गया है।
गुना-सीहोर समेत 7 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार प्रदेश के ऊपर तीन सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) बने हुए हैं, जिनके प्रभाव से मौसम लगातार बदला हुआ है और आंधी-बारिश का दौर जारी है।
भोपाल-इंदौर सहित कई जिलों में बारिश की संभावना
शनिवार को भोपाल, रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। हालांकि अलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है।
बारिश से लुढ़का तापमान, श्योपुर सबसे ठंडा
लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। शुक्रवार को श्योपुर प्रदेश का सबसे ठंडा शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिलचस्प बात यह रही कि प्रदेश का एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी भी श्योपुर से गर्म रहा। पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भोपाल में भी शाम के समय कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई।
बड़े शहरों में मौसम रहा सुहाना
प्रदेश के प्रमुख शहरों में इंदौर का अधिकतम तापमान 35.1 डिग्री, उज्जैन का 35 डिग्री, भोपाल का 35.5 डिग्री, ग्वालियर का 37.9 डिग्री और जबलपुर का 37.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं खरगोन, खंडवा, नरसिंहपुर और छिंदवाड़ा जैसे कुछ जिलों में तापमान 40 डिग्री के आसपास बना रहा।
20 जून के बाद एमपी में दस्तक दे सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देरी से पहुंच सकता है। प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। केरल में मानसून 4 जून को प्रवेश कर चुका है और सामान्य तौर पर वहां पहुंचने के लगभग 15 दिन बाद मध्य प्रदेश में मानसून दस्तक देता है। इसी आधार पर इस बार मानसून की संभावित तिथि आगे बढ़ी हुई मानी जा रही है।