शिमला/धर्मशाला: हिमाचल प्रदेश में शुक्रवार रात आए भूकंप के झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रात करीब 10:04 बजे महसूस हुए झटकों के बाद कई लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। भूकंप का असर चंबा, कांगड़ा, धर्मशाला, कुल्लू, शिमला समेत प्रदेश के कई जिलों में महसूस किया गया। हालांकि फिलहाल किसी प्रकार के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन प्रशासन ने स्थिति पर नजर बनाए रखी है।
चंबा में रहा भूकंप का केंद्र, 5 किलोमीटर गहराई में हलचल
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार भूकंप का केंद्र चंबा जिले में स्थित था। भूकंप रात 10 बजकर 04 मिनट 37 सेकंड पर आया और इसकी गहराई जमीन से केवल 5 किलोमीटर नीचे दर्ज की गई। कम गहराई होने के कारण झटके कई जिलों में अधिक तीव्रता के साथ महसूस किए गए।
तीव्रता को लेकर अलग-अलग आंकड़े
प्रारंभिक रिपोर्टों में भूकंप की तीव्रता 4.3 बताई गई, जबकि बाद में राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के अनुसार इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.0 दर्ज की गई। झटकों की तीव्रता इतनी थी कि कई इलाकों में लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और कुछ समय तक खुले स्थानों में ही रुके रहे।
कांगड़ा और धर्मशाला क्षेत्र सबसे संवेदनशील
हिमाचल प्रदेश का कांगड़ा क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है। राज्य के कई जिले भूकंप के उच्च जोखिम वाले जोन-5 में आते हैं। इसी वजह से यहां समय-समय पर हल्के और मध्यम तीव्रता के भूकंप दर्ज होते रहते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह क्षेत्र भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण लगातार संवेदनशील बना रहता है।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
भूकंप के बाद प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें। फिलहाल सभी जिलों से स्थिति की रिपोर्ट ली जा रही है और राहत एवं बचाव एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।