मध्यप्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन में बड़ा फेरबदल किया है। राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार 8 भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों और 66 राज्य पुलिस सेवा (SPS) अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। नई पदस्थापनाएं तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं।
गृह विभाग ने जारी किए आदेश
प्रशासनिक जरूरतों और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के दृष्टिकोण से यह तबादला सूची जारी की गई है। राज्य सरकार ने कई जिलों और नगरीय पुलिस इकाइयों में अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
इन 8 IPS अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी
वर्ष 2022 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों की नवीन पदस्थापना इस प्रकार की गई है—
क्र. अधिकारी का नाम वर्तमान पदस्थापना नवीन पदस्थापना
1 अनु बेनिवाल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जबलपुर
2 ओमप्रकाश एसडीओपी, लांजी (बालाघाट) अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोन-3, इंदौर नगरीय पुलिस
3 करणदीप एसडीओपी, बैहर (बालाघाट) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उज्जैन
4 आयुष जाखड़ एसडीओपी, करैरा (शिवपुरी) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जबलपुर
5 गौरव पाण्डेय एसडीओपी, सिंगरौली अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सतना
6 मिनी शुक्ला एसडीओपी, नरसिंहगढ़ (राजगढ़) अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, जोन-2, भोपाल नगरीय पुलिस
7 राज कृष्णा एसडीओपी, सबलगढ़ (मुरैना) अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, महू (इंदौर ग्रामीण)
8 सुजावल जग्गा नगर पुलिस अधीक्षक, धार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ग्वालियर
कई जिलों में बदले गए पुलिस अधिकारी
राज्य सरकार द्वारा जारी इस तबादला सूची में विभिन्न जिलों और पुलिस इकाइयों में कार्यरत अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। माना जा रहा है कि इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
66 राज्य पुलिस सेवा अधिकारियों का भी तबादला
IPS अधिकारियों के साथ-साथ राज्य पुलिस सेवा (SPS) के 66 अधिकारियों के भी तबादला आदेश जारी किए गए हैं। इन अधिकारियों को प्रदेश के विभिन्न जिलों, रेंज कार्यालयों और पुलिस इकाइयों में नई पदस्थापनाएं दी गई हैं। गृह विभाग की ओर से जारी विस्तृत सूची में सभी अधिकारियों की नई तैनाती का उल्लेख किया गया है।
कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद
सरकार के इस फैसले को पुलिस प्रशासन में कार्यकुशलता बढ़ाने और कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में इसे हाल के समय का बड़ा पुलिस फेरबदल बताया जा रहा है।