पटना: बिहार की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की मतगणना के शुरुआती रुझानों ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर अपने पहले चुनाव में ही भाजपा के मजबूत माने जाने वाले गढ़ में बढ़त बनाए हुए हैं। तीसरे राउंड की गिनती तक वह भाजपा उम्मीदवार से 1,162 वोट आगे चल रहे हैं।
तीसरे राउंड के बाद क्या है स्थिति?
मतगणना के तीसरे चरण तक प्रशांत किशोर को 5,032 वोट मिले हैं। भाजपा के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 3,870 वोट मिले हैं, जबकि राजद की रेखा गुप्ता 767 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर हैं। फिलहाल प्रशांत किशोर भाजपा पर बढ़त बनाए हुए हैं, हालांकि अंतिम नतीजे आने बाकी हैं।
क्यों अहम है यह उपचुनाव?
30 जुलाई को हुए इस उपचुनाव पर पूरे देश की नजर रही। इसकी सबसे बड़ी वजह यह रही कि चुनावी रणनीतिकार के रूप में पहचान बनाने वाले प्रशांत किशोर पहली बार खुद चुनावी मैदान में उतरे हैं। उन्होंने किसी आसान सीट की बजाय भाजपा के पारंपरिक गढ़ बांकीपुर से चुनाव लड़ने का फैसला किया, जिससे मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया।
क्यों खाली हुई थी बांकीपुर सीट?
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इसी कारण यहां उपचुनाव कराया गया। यह सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत शहरी गढ़ मानी जाती रही है।
प्रशांत किशोर ने क्या दिया था संदेश?
चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा था कि उनका उद्देश्य केवल चुनाव जीतना नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में नई सोच लाना है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की थी कि वे जाति और धर्म के बजाय विकास और काम के आधार पर अपने प्रतिनिधि का चयन करें।
आगे क्या?
मतगणना अभी जारी है और आने वाले राउंड में तस्वीर बदल भी सकती है। हालांकि शुरुआती रुझानों में मिली बढ़त ने जन सुराज के लिए उत्साह बढ़ाया है, जबकि भाजपा और अन्य दलों की नजर अब आगे की गिनती पर टिकी हुई है।