बारामती- महाराष्ट्र के बारामती उपचुनाव में वोटिंग के दौरान Sunetra Pawar भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि यह चुनाव पहली बार Ajit Pawar के बिना हो रहा है, जिससे लोगों के मन में अलग ही भावनाएं हैं। सुनेत्रा पवार ने कहा कि बारामती की जनता पिछले 60 वर्षों से पवार परिवार के साथ खड़ी रही है और इस बार भी लोग बड़ी संख्या में मतदान करने पहुंच रहे हैं। उन्होंने इसे “श्रद्धांजलि का चुनाव” बताते हुए कहा कि लोग अपने वोट के जरिए अजित दादा के प्रति सम्मान जता रहे हैं।
‘जनता खुद संभाल रही है चुनाव’
सुनेत्रा पवार ने कहा कि इस बार बारामती के लोगों ने चुनाव को खुद अपने हाथ में ले लिया है। गांव-गांव से लोग निकलकर मतदान केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अजित पवार ने वर्षों तक क्षेत्र के विकास के लिए काम किया है और अब जनता उन्हें अपने वोट के जरिए “वापसी का जवाब” देना चाहती है। यही वजह है कि बाहरगांव से भी लोग खास तौर पर वोट डालने बारामती पहुंच रहे हैं।
शरद पवार नहीं डाल पाए वोट
इस बीच Sharad Pawar के स्वास्थ्य को लेकर भी बड़ी जानकारी सामने आई। सुनेत्रा पवार ने बताया कि खराब तबीयत के कारण शरद पवार इस बार मतदान नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका आशीर्वाद ही सबसे बड़ी ताकत है और बारामती की जनता उनके संदेश को जरूर समझेगी। सुनेत्रा ने शरद पवार के जल्द स्वस्थ होने की कामना भी की।
शरद पवार का भावुक संदेश
शरद पवार ने जनता के नाम लिखे पत्र में कहा कि 1967 से अब तक वे हर चुनाव में मतदान करते आए हैं, लेकिन इस बार स्वास्थ्य कारणों से ऐसा नहीं कर पाए। उन्होंने बताया कि वे बारामती आने वाले थे, लेकिन डॉक्टरों ने यात्रा करने से मना कर दिया, जिसके चलते उन्हें मुंबई के अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। इसे उन्होंने अपने लिए “दुखद स्थिति” बताया।
भावनाओं के बीच सियासी मुकाबला
बारामती उपचुनाव इस बार सिर्फ राजनीतिक मुकाबला नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव का भी केंद्र बन गया है। एक तरफ पवार परिवार की विरासत है, तो दूसरी ओर जनता का भरोसा—जिसे इस चुनाव में कसौटी पर देखा जा रहा है।