पटना: बिहार के पटना स्थित हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव की मतगणना सोमवार सुबह से शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के यह सीट खाली करने के बाद से यह उपचुनाव राज्य की राजनीति में अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है, जिस पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
युवा मतदाता बने सबसे बड़ा फैक्टर
इस उपचुनाव में प्रत्याशियों के भाग्य के साथ-साथ प्रश्नपत्र लीक विरोधी आंदोलन और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (सीजेपी) के नेतृत्व में चल रहे 'जेन जी' आंदोलन का असर मुख्य मुद्दा बना हुआ है। बांकीपुर सीट के कुल 3.79 लाख मतदाताओं में से लगभग एक-तिहाई (18 से 29 वर्ष) युवा वर्ग से हैं। पटना विश्वविद्यालय, एनआईटी और कोचिंग सेंटरों की मौजूदगी के कारण यहां युवा वोटरों की बड़ी भूमिका है।
बीजेपी, जन सुराज और आरजेडी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला
एग्जिट पोल के अनुमानों के मुताबिक, बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' युवाओं के सरकार विरोधी असंतोष के बल पर मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद जता रही है। 26 से 35 वर्ष के युवाओं के बीच जन सुराज को बेहतर समर्थन मिलने का अनुमान है। वहीं, आरजेडी प्रत्याशी रेखा गुप्ता की मौजूदगी से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है।

राजनीतिक समीकरणों की परीक्षा
बीजेपी ने केंद्र सरकार के परीक्षा सुधारों, स्पेशल टास्क फोर्स और कड़े कानूनों को सामने रखकर युवाओं का विश्वास जीतने की कोशिश की है। विशेषज्ञों के अनुसार, अंतिम परिणाम युवाओं के वोटिंग पैटर्न, विरोधी वोटों के विभाजन और पारंपरिक जातीय समीकरणों पर निर्भर करेंगे। बीजेपी की जीत युवा आंदोलन के बेअसर होने का संकेत देगी, जबकि जन सुराज का बेहतर प्रदर्शन बिहार में नए राजनीतिक समीकरण गढ़ सकता है।