नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का आज दूसरा दिन है। शुक्रवार को सम्मेलन का तीसरा सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर कई देशों के विदेश मंत्रियों और प्रतिनिधियों के साथ अहम द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इस दौरान वैश्विक सहयोग, व्यापार, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
आज किन देशों के प्रतिनिधियों से होगी मुलाकात?
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर का शुक्रवार का कार्यक्रम काफी व्यस्त रहने वाला है। वे कई देशों के मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों से अलग-अलग बैठकें करेंगे।
द्विपक्षीय बैठकों का शेड्यूल
2:30 – 2:55 : मलेशिया के विदेश मंत्री
3:00 – 3:05 : संयुक्त अरब अमीरात के राज्य मंत्री
3:05 – 3:10 : बेलारूस के उप विदेश मंत्री
3:10 – 3:15 : सऊदी अरब के उपमंत्री
3:15 – 3:20 : कजाकिस्तान के उप विदेश मंत्री
3:20 – 3:25 : नाइजीरिया के स्थायी सचिव
3:25 – 3:30 : उज्बेकिस्तान के उप विदेश मंत्री
3:30 – 3:35 : वियतनाम के उप विदेश मंत्री
3:45 – 4:10 : क्यूबा के विदेश मंत्री
4:15 – 4:40 : युगांडा के विदेश मंत्री
इसके अलावा डॉ. एस जयशंकर सभी प्रतिनिधियों और नेताओं के लिए रात्रि भोज का आयोजन भी करेंगे।
उद्घाटन सत्र में क्या बोले एस जयशंकर?
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि ब्रिक्स ने पिछले 20 वर्षों में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों को अधिक संतुलित और समावेशी वैश्विक व्यवस्था देना है।
‘ब्रिक्स का दायरा और प्रभाव बढ़ा’
डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि समय के साथ ब्रिक्स का दायरा और प्रभाव दोनों बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों के अनुसार संगठन ने अपने एजेंडे और सदस्यता का विस्तार किया है, लेकिन उसका मुख्य फोकस हमेशा विकास और व्यावहारिक सहयोग पर रहा है।
ब्रिक्स की चार प्राथमिकताओं पर जोर
विदेश मंत्री ने सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स की चार प्रमुख प्राथमिकताओं का भी उल्लेख किया —
1. मजबूती
सप्लाई चेन को मजबूत करना, बाजारों में विविधता लाना और जलवायु के अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना।
2. नवाचार
ब्रिक्स इन्क्यूबेटर नेटवर्क, साइंस एंड रिसर्च रिपॉजिटरी और यूथ स्टार्टअप प्लेटफॉर्म के जरिए नए अवसर पैदा करना।
3. सहयोग
एमएसएमई कनेक्ट पोर्टल, ट्रेड सिस्टम और कृषि-स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी को बढ़ावा देना।
4. स्थिरता
जलवायु परिवर्तन, स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ विकास पर फोकस करना।
वैश्विक मुद्दों पर अहम चर्चा
ब्रिक्स सम्मेलन में सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग, व्यापार, तकनीक, ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक स्थिरता जैसे मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव और आर्थिक चुनौतियों के बीच ब्रिक्स देशों की भूमिका और भी अहम हो गई है।