जब भारत ने अरुणाचल प्रदेश में सुरक्षा बढ़ा दी थी। उस वक्त अरुणाचल प्रदेश नेफा का हिस्सा था। जो तब केंद्रशासित प्रदेश हुआ करता था। इसके बाद इंटेलीजेंस ब्यूरो की टीम हर गर्मियों में अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाके सुमदोरोंग चू में रहती थी। चीन की सीमा पर स्थित यह इलाका सर्दियों में भीषण बर्फबारी के चलते ठप पड़ जाता था, तब आईबी की टीम मैदानों में आ जाती थी। आने-जाने का यह सिलसिला पांच साल तक चलता रहा।
मगर, 1986 की गर्मियों में जब आईबी की टीम वहां पहुंची तो उसने देखा कि वहां पर चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने अपना ठिकाना बना लिया है। जब यह खबर दिल्ली पहुंची तो हड़कंप मच गया। इसी तरह के चीन के विश्वासघात की कहानी की बात करेंगे, क्योंकि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में लोकसभा और राज्यसभा में भारत-चीन सीमा विवादों पर बात की है। उन्होंने चीन के बारे में बात करते हुए कहा कि उसके साथ हमारे संबंध टकराव, अतिक्रमण और झड़पों के अतीत से जुड़े हुए हैं।
विदेश मंत्री एस जयशंकर जब भी चीन पर बात करते हैं तो उनका लहजा सख्त हो जाता है। वह अक्सर यह बात कहते हैं चीन के साथ भारत के संबंधों का जटिल इतिहास रहा है।
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