कोलकाता के चिंगरिघाटा में मेट्रो परियोजना को लेकर लंबे समय से जारी रुकावट अब खत्म होती दिख रही है। मेट्रो के CPRO ने उम्मीद जताई है कि इस साल के अंत तक यहां मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है।
3 साल पुराना विवाद खत्म, मिला पुलिस का अनुमोदन
चिंगरिघाटा में मेट्रो निर्माण का काम पिछले तीन वर्षों से अटका हुआ था। अब कोलकाता पुलिस की अनुमति मिलने के बाद परियोजना को हरी झंडी मिल गई है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित समस्या का समाधान हो गया है और पुलिस की मंजूरी मिल चुकी है।
15 मई से फिर शुरू हुआ निर्माण कार्य
अनुमति मिलने के बाद 15 मई, शुक्रवार से मेट्रो का बाकी निर्माण कार्य फिर से शुरू कर दिया गया है। पिलर पहले से तैयार थे, लेकिन गर्डर लगाने का काम रुका हुआ था, जिसे अब शुरू किया गया है। यह कार्य 18 मई, सोमवार सुबह तक चलेगा।
दो चरणों में होगा गर्डर लगाने का काम
मेट्रो सूत्रों के अनुसार पहले चरण में 15 से 18 मई के बीच पिलर नंबर 317 और 318 के बीच गर्डर लगाए जाएंगे। दूसरे चरण में 22 मई, शुक्रवार रात 8 बजे से 25 मई, सोमवार सुबह 8 बजे तक पिलर 318 और 319 के बीच गर्डर लगाने का काम होगा। ये पिलर बेलेघाटा बिल्डिंग मोड़ से मेट्रोपोलिटन जाने वाली सड़क के ठीक ऊपर स्थित हैं, जहां 318 नंबर पिलर सड़क के बीचों-बीच है, इसलिए यातायात नियंत्रण आवश्यक होगा।
ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए पुलिस अलर्ट
कोलकाता पुलिस ने पहले ही इस कार्य के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि निर्माण के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे और लोगों को कम से कम परेशानी हो।
इस साल के अंत तक मेट्रो शुरू होने की उम्मीद
कोलकाता मेट्रो के CPRO एस.एस. कन्नन के अनुसार यदि काम समय पर पूरा होता है तो इस साल के अंत तक चिंगरिघाटा रूट पर मेट्रो सेवा शुरू हो सकती है। इससे दक्षिण कोलकाता और उपनगरों के लोगों के लिए पूर्वी कोलकाता, न्यूटाउन और सॉल्टलेक की दूरी काफी कम हो जाएगी।