राजस्थान - मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि राज्य में उन परियोजनाओं पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिनका इंतजार प्रदेश दशकों से कर रहा था। उन्होंने बताया कि सरकार ने कई अटकी हुई जल परियोजनाओं को समाधान की दिशा में आगे बढ़ाया है और अब बड़े स्तर पर काम शुरू हो चुका है।
राम जल सेतु योजना पर हुआ अहम समझौता
मुख्यमंत्री ने बताया कि राम जल सेतु योजना, जो लंबे समय से मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच विवाद और अटके हुए समझौतों के कारण रुकी हुई थी, अब आगे बढ़ चुकी है। इस योजना पर सहमति बन गई है और इससे राज्य के जल प्रबंधन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
24,000 करोड़ की परियोजनाओं पर चल रहा काम
सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि वर्तमान में राज्य में लगभग 24,000 करोड़ रुपये की जल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन योजनाओं का उद्देश्य सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना, पेयजल संकट को दूर करना और ग्रामीण क्षेत्रों तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
हरियाणा के साथ समझौता और 1994 का संदर्भ
उन्होंने बताया कि 29 जून को एक ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। सरकार बनने के तुरंत बाद 12 फरवरी 2024 को हरियाणा सरकार के साथ एक MoU (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए थे, ताकि राजस्थान को उसके हिस्से का पानी 1994 के समझौते के अनुसार मिल सके। उन्होंने कहा कि पहले कई बार कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल में इस मुद्दे पर गंभीरता से काम नहीं हुआ।
केंद्र सरकार और नेताओं का आभार
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राजस्थान के जल संकट की गंभीरता को समझा और समाधान की दिशा में सहयोग दिया। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल का भी आभार जताया।
बैठक में हुआ बड़ा फैसला
सीएम ने बताया कि 29 जून को हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जल शक्ति मंत्री, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राजस्थान सरकार के बीच महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में शेखावाटी क्षेत्र तक पानी पहुंचाने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि इस फैसले से राजस्थान के ऐतिहासिक शेखावाटी क्षेत्र को भी पर्याप्त पानी मिल सकेगा, जिससे लंबे समय से चली आ रही जल समस्या में राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अनुसार, यह निर्णय राजस्थान के लिए जल प्रबंधन के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव साबित होगा। सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य में सिंचाई और पेयजल संकट में बड़ी राहत मिलेगी।