कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को नवान्न (राज्य सचिवालय) पहुँचते ही कड़े प्रशासनिक सुधारों का बिगुल फूंक दिया है। 'गार्ड ऑफ ऑनर' और कैबिनेट की पहली बैठक के बाद राज्य के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग (Home and Hill Affairs Department) ने एक बड़ा आदेश जारी किया है, जो पिछली सरकार के करीबी रहे अधिकारियों और बोर्ड सदस्यों पर सीधा प्रहार है।
प्रशासनिक सफाई: गृह विभाग का बड़ा आदेश
नवान्न से जारी आधिकारिक पत्र (No. 861 -Home(Cons)) के अनुसार, मुख्यमंत्री ने प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए निम्नलिखित कड़े निर्देश दिए हैं:
मनोनीत सदस्यों की विदाई: राज्य सरकार के विभिन्न बोर्डों, संगठनों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में नियुक्त सभी मनोनीत सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों का कार्यकाल तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
सेवा विस्तार (Extension) पर रोक: वे अधिकारी जो सेवानिवृत्ति की आयु (60 वर्ष) के बाद पुनर्नियुक्ति या सेवा विस्तार पर काम कर रहे थे, उनकी सेवाएं भी तुरंत समाप्त करने का आदेश दिया गया है।
जनगणना और घुसपैठ पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर 'संविधान के साथ विश्वासघात' करने का आरोप लगाते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि जून 2025 से रुकी हुई जनगणना (Census) का काम बंगाल में आज से ही शुरू किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने घुसपैठियों को रोकने के लिए बीएसएफ (BSF) को सीमा फेंसिंग के लिए जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है।
'लक्ष्मी भंडार' और 'युवा साथी' पर स्पष्ट रुख
विपक्ष के दावों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'लक्ष्मी भंडार' और 'युवा साथी' जैसी सामाजिक योजनाएं जारी रहेंगी। हालांकि, उन्होंने साफ कर दिया कि यह लाभ केवल वैध भारतीय नागरिकों को मिलेगा। 'अ-भारतीयों' और फर्जी नामों को लिस्ट से बाहर करने के लिए डेटाबेस को अपडेट किया जाएगा और भुगतान सीधे DBT के माध्यम से होगा।
केंद्र की योजनाओं का स्वागत
बंगाल अब आधिकारिक तौर पर 'आयुष्मान भारत' योजना में शामिल हो गया है। इसके साथ ही उज्ज्वला 3.0, विश्वकर्मा योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना जैसी रुकी हुई फाइलों को तुरंत केंद्र भेजने का निर्देश दिया गया है।