दिल्ली: छठ महापर्व को लेकर दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने छठ पूजा की व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक बुलाई और पर्व के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष पिछले साल के मुकाबले अधिक छठ घाट बनाए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही घाटों पर साफ-सफाई, सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
छठ पर्व दिल्ली में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं द्वारा मनाया जाता है। ऐसे में सरकार का फोकस घाटों की व्यवस्था बेहतर बनाने, व्रतियों की सुविधा और आयोजन के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।
छठ पूजा के लिए अधिक घाट बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस वर्ष छठ पूजा के लिए पिछले साल की तुलना में अधिक घाट तैयार किए जाएं। संबंधित विभागों को समय रहते सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए कहा गया है।सरकार की ओर से घाटों पर साफ-सफाई, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का प्रयास है कि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के सूर्य देव को अर्घ्य दे सकें।
दिल्ली में छठ पूजा पर रहेगी सरकारी छुट्टी
मुख्यमंत्री ने छठ पर्व के महत्व और श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। इस फैसले से पर्व मनाने वाले लोगों को पूजा की तैयारियों और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कब से शुरू होगा छठ महापर्व 2026?
साल 2026 में छठ महापर्व चार दिनों तक मनाया जाएगा। इसकी शुरुआत नहाय-खाय से होगी और अंतिम दिन उषा अर्घ्य के बाद व्रती पारण करेंगे।
छठ पूजा की प्रमुख तिथियां:
13 नवंबर 2026, शुक्रवार: नहाय-खाय
14 नवंबर 2026, शनिवार: खरना
15 नवंबर 2026, रविवार: संध्या अर्घ्य
16 नवंबर 2026, सोमवार: उषा अर्घ्य और पारण
नहाय-खाय से शुरू होगी पूजा
छठ महापर्व के पहले दिन 13 नवंबर को नहाय-खाय मनाया जाएगा। इस दिन व्रती स्नान करके शुद्धता के साथ भोजन तैयार करते हैं और सात्विक आहार ग्रहण कर व्रत की शुरुआत करते हैं।परंपरा के अनुसार, इस दिन लौकी की सब्जी, चने की दाल और चावल बनाए जाते हैं। सूर्य देव और कुल देवी-देवताओं की पूजा के बाद प्रसाद ग्रहण किया जाता है।
14 नवंबर को खरना, 15 को संध्या अर्घ्य
छठ पर्व के दूसरे दिन 14 नवंबर को खरना होगा। इस दिन व्रती दिनभर उपवास रखने के बाद शाम को पूजा करते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं। इसके बाद निर्जला व्रत शुरू होता है।15 नवंबर को छठ व्रती अस्ताचलगामी सूर्य को संध्या अर्घ्य देंगे। यह छठ महापर्व का प्रमुख अनुष्ठान है, जिसमें नदी, तालाब या निर्धारित घाट पर पहुंचकर सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है।
16 नवंबर को उषा अर्घ्य के साथ होगा समापन
छठ महापर्व के अंतिम दिन 16 नवंबर को सुबह उगते सूर्य को उषा अर्घ्य दिया जाएगा। इसके बाद व्रती पारण करके अपना व्रत पूरा करेंगे।दिल्ली सरकार की ओर से घाटों की संख्या बढ़ाने और साफ-सफाई व सुरक्षा की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देशों के बीच श्रद्धालुओं को इस बार बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।