नई दिल्ली- नीट पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद बड़ा कदम उठाया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने देश का पहला फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित कर दिया है। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र उपाध्याय ने दिल्ली उच्च न्यायिक सेवा की जज अनु ग्रोवर बलिगा को इस विशेष अदालत का न्यायाधीश नियुक्त किया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी की अधिसूचना
बृहस्पतिवार देर रात दिल्ली हाईकोर्ट ने फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की अधिसूचना जारी की। यह अदालत पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई करेगी। इसके साथ ही बंगाल, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी ऐसे फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश दिए गए हैं।
PM मोदी के ऐलान के बाद तेज हुई कार्रवाई
गुरुवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर घोषणा करते हुए कहा था कि पेपर लीक मामलों में दोषियों को जल्द और कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। उन्होंने दोहराया कि युवाओं का हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
शिक्षा मंत्रालय में बड़ा फेरबदल
सरकार ने शिक्षा विभाग में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है।
विनीत जोशी का तबादला कर उन्हें पंचायती राज विभाग का सचिव बनाया गया।
नरेश गंगवार को नया उच्च शिक्षा सचिव नियुक्त किया गया।
टी.के. अनिल कुमार को नया शिक्षा सचिव बनाया गया।
कड़े कानून का भी ऐलान
फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन के अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने देर रात एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून लाया जाएगा। सरकार ने संकेत दिए हैं कि यह विधेयक मौजूदा मानसून सत्र में ही संसद में पेश किया जा सकता है।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने कहा कि सरकार की घोषणा में जवाबदेही का मुद्दा शामिल नहीं है। संगठन ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जंतर-मंतर पर उनका आंदोलन जारी रहेगा।