नई दिल्ली- नीट पेपर लीक विवाद को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश पर अब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। केजरीवाल ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जांच एजेंसियां ही आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश नहीं करेंगी, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
'फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान, लेकिन कार्रवाई कहां?'
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वीडियो संदेश को साझा करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री ने देर रात घोषणा की कि पेपर लीक मामलों के लिए संसद में फास्ट ट्रैक कोर्ट से जुड़ा कानून लाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का यह आश्वासन खोखला साबित हो रहा है और कहा कि केवल घोषणा करने से छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा।
CBI की कार्रवाई पर उठाए सवाल
केजरीवाल ने दावा किया कि 2024 NEET पेपर लीक मामले के कथित मास्टरमाइंड को CBI ने अदालत में निर्दोष बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जांच एजेंसी ही आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पा रही है, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का क्या औचित्य है। उन्होंने लिखा, "अगर ऐसी ही जांच करनी है, अगर सबूत ही पेश नहीं करने हैं, तो फास्ट ट्रैक कोर्ट का नाटक क्यों? मोदी जी, आपकी नीयत में ही खोट है।"
PM मोदी ने क्या कहा था?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि देश के युवाओं का भविष्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पेपर लीक के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला किया है। साथ ही संबंधित अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
NEET विवाद पर जारी सियासी संग्राम
नीट पेपर लीक को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार तेज होते जा रहे हैं। सरकार जहां फास्ट ट्रैक कोर्ट, सख्त कानून और त्वरित कार्रवाई की बात कर रही है, वहीं विपक्ष जवाबदेही तय करने, निष्पक्ष जांच और छात्रों की मांगों को प्राथमिकता देने की बात कह रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन भी जारी है, जहां प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में सुधार, दोषियों पर सख्त कार्रवाई और जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।