नई दिल्ली - NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार के फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के फैसले पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह फैसला युवाओं को जल्द न्याय दिलाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से जुड़े मामलों की रोजाना सुनवाई होगी, जांच तय समय सीमा में पूरी की जाएगी और दोषियों को शीघ्र सजा मिलेगी।
मेघवाल ने कहा कि सरकार लगातार संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है और संवाद के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही चलने देने की अपील करते हुए कहा कि यदि विपक्ष चाहता है तो पेपर लीक पर सबसे पहले चर्चा भी कराई जा सकती है। उन्होंने केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के बयान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर बहस से पीछे नहीं हट रही है।
भूपेंद्र यादव ने विपक्ष पर साधा निशाना
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने छात्रों के मुद्दे पर CJP और विपक्ष के विरोध प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को केवल राजनीति करनी है, उन्हें वास्तविक मुद्दों से कोई लेना-देना नहीं है। उनके अनुसार संसद की कार्यवाही बाधित करना और चर्चा न होने देना भी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकार पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन विपक्ष सदन चलने ही नहीं दे रहा।
विपक्ष ने सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल सोशल मीडिया पोस्ट या घोषणाओं से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की वास्तविक मांगों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे मामले में ईमानदारी नहीं दिखा रही और अहंकार के कारण हालात बिगड़ रहे हैं।
वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने सवाल उठाया कि पेपर लीक जैसे अपराध के लिए पहले से कानून मौजूद हैं, फिर नए कानून की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल खड़े हो रहे हैं और मामले के मुख्य आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
RSS ने आंदोलन के पीछे बताई साजिश
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने छात्र आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल युवाओं को समझना चाहिए कि इसके पीछे ऐसी ताकतें सक्रिय हैं जो भारत को विकसित, शिक्षित और मजबूत राष्ट्र बनने से रोकना चाहती हैं। उन्होंने युवाओं से किसी के बहकावे में न आने की अपील की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया समर्थन
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने पेपर लीक मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए सरकार कठोर और प्रभावी कदम उठा रही है।
संसद में चर्चा को लेकर जारी गतिरोध
एक ओर केंद्र सरकार फास्ट-ट्रैक कोर्ट और सख्त कानून के जरिए छात्रों को न्याय दिलाने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष सरकार की मंशा और कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है। अब सबकी नजर संसद पर है कि पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर चर्चा होती है या राजनीतिक गतिरोध आगे भी जारी रहता है।