सोनम वांगचुक के 26 दिन बाद अनशन समाप्त करने के फैसले के बाद केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने प्रतिक्रिया दी है। मंत्रियों ने इसे छात्रों के हितों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर भरोसे का प्रतीक बताया और परीक्षा प्रणाली में सुधार का भरोसा दोहराया।
सरकार ने बताया भरोसे की जीत
सोनम वांगचुक द्वारा 26 दिनों का अनशन समाप्त किए जाने के बाद केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने इसे सकारात्मक कदम बताया। केंद्रीय मंत्रियों ने कहा कि सरकार परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने, प्रश्नपत्र लीक पर सख्त कार्रवाई करने और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने की मुलाकात
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की। मुलाकात के बाद केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं पर गंभीरता से चर्चा की और सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया, जिसके बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार छात्रों को न्याय दिलाने और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
जी किशन रेड्डी बोले- युवाओं का भविष्य सर्वोच्च प्राथमिकता
केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने एक्स पर लिखा कि वांगचुक का अनशन समाप्त करने का फैसला मोदी सरकार की परीक्षा सुधारों और छात्रों के हितों की रक्षा के प्रति प्रतिबद्धता में उनके विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत' के विजन के केंद्र में देश के युवाओं की आकांक्षाएं हैं और जो भी उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करेगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पीयूष गोयल ने दोहराया परीक्षा सुधार का संकल्प
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी कहा कि सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे और देश के युवाओं के हितों की रक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
रेखा गुप्ता ने कहा- संसद में होगी सार्थक चर्चा
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर अपना स्पष्ट रुख रखा है और परीक्षा प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संसद में इस विषय पर विस्तृत चर्चा के माध्यम से सार्थक समाधान सुनिश्चित किए जाएंगे और देश के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले हर दोषी को कड़ी सजा मिलेगी।