नई दिल्ली - NEET पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच बातचीत का दौर जारी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका के साथ लंबी बैठक की। यह बैठक करीब दो घंटे तक चली, जिसमें छात्रों की मांगों और परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।

3 मुख्य मांगों और 5 सुधार सुझावों पर हुई बातचीत
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बताया कि CJP ने सरकार के सामने अपनी 3 प्रमुख मांगें रखीं और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए 5 महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन सुझावों पर गंभीरता से विचार किया है और प्रतिनिधियों से कहा गया है कि अगले दिन दोपहर फिर बैठक होगी, जिसमें सरकार की ओर से विस्तृत जवाब दिया जाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर मांगा समय
बैठक के बाद CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर निर्णय लेने के लिए अगले दिन दोपहर तक का समय मांगा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मांग पर सकारात्मक फैसला ले सकती है।
दो मांगों पर 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी का दावा
आशुतोष रांका ने दावा किया कि सरकार ने दो अन्य महत्वपूर्ण मांगों पर सिद्धांततः सहमति जता दी है। इनमें कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले NEET अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने और प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दर्ज एफआईआर एवं कानूनी मामलों को वापस लेने की मांग शामिल है। हालांकि इन फैसलों पर अभी आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
अगली बैठक पर टिकी निगाहें
अब सभी की नजर अगले दौर की बैठक पर है, जिसमें सरकार CJP की मांगों पर अपना अंतिम रुख स्पष्ट कर सकती है। छात्रों के आंदोलन और NEET पेपर लीक विवाद के बीच यह बातचीत समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
धर्मेंद्र प्रधान एक क्रिमिनल एजुकेशन मिनिस्टर हैं
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर अपने हमले तेज कर दिए हैं। मीडिया से चर्चा के दौरान राहुल गांधी नेकहा कि, धर्मेंद्र प्रधान एक क्रिमिनल एजुकेशन मिनिस्टर हैं। उन्हें हटाना होगा। वह हमारे एजुकेशन सिस्टम के खत्म होने की निशानी हैं। उन्हें जाना होगा। वह ही वजह हैं कि हजारों लोग बाहर हैं। उन्हें जाना होगा।