पीएम मोदी ने गीता प्रेस गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार-2021 मिलने पर बधाई दी है। इस दौरान पीएम मोदी ने गीता प्रेस द्वारा विगत 100 वर्षों में किए गए उनके कार्यों के लिए उनकी तारीफ भी की। पीएम ने कहा कि, लोगों के बीच सामाजिक और सांस्कृतिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने की दिशा में गीता प्रेस ने बीते 100 वर्षों में सराहनीय कार्य किया है। मैं गीता प्रेस, गोरखपुर को गांधी शांति पुरस्कार 2021 से सम्मानित किए जाने पर बधाई देता हूँ।
गीता प्रेस को साल 2021 के लिए गांधी शांति पुरस्कार मिलने वाला है
आपको बता दें कि, गीता प्रेस को साल 2021 के लिए गांधी शांति पुरस्कार मिलने वाला है। उन्हें यह अवार्ड, अहिंसक और अन्य गांधीवादी तरीकों से सामाजिक, आर्थिक और सियासी परिवर्तन की दिशा में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए प्रदान किया जाएगा। वहीं इसकी जानकारी देते हुए संस्कृति मंत्रालय ने इस संबंध में कहा है कि, पीएम मोदी ने गीता प्रेस को उसकी स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर गांधी शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाना संस्थान की तरफ से सामुदायिक सेवा में किए गए कार्यों की पहचान है।जयराम रमेश ने ये सम्मान मिलने पर सवाल खड़े किए हैं
वहीं गीता प्रेस को यह सम्मान मिलना कांग्रेस पार्टी को पसंद नहीं आया है। कांग्रेस के सीनियर नेता जयराम रमेश ने ये सम्मान मिलने पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता ने इसे एक उपहास करार देते हुए कहा कि, गीता प्रेस को ये अवार्ड देना ऐसा है, जैसे सावरकर या गोडसे को पुरस्कार दिया जा रहा हो। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट करते हुए लिखा कि, 2021 के लिए गांधी शांति पुरस्कार गोरखपुर में गीता प्रेस को प्रदान किया जा रहा है, जो इस साल अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है।यह फैसला वास्तव में एक उपहास है
वहीं अक्षय मुकुल ने साल 2015 में इस संस्थान की एक काफी अच्छी जीवनी लिखी है। इसमें उन्होंने इस संस्थान के महात्मा के साथ उतार-चढ़ाव वाले रिश्तों और राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक एजेंडे पर उनके साथ चली लड़ाइयों का खुलासा किया है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि, यह फैसला वास्तव में एक उपहास है, सावरकर तथा गोडसे को पुरस्कार देने जैसा है।Read More: देवेंद्र फडणवीस का बड़ा बयान, बोले - भारत में कोई भी मुस्लिम औरंगजेब का वंशज नहीं
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