प्रदेश भाजपा में प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी के कई दावेदार निकल कर सामने आ रहे हैं। पंजाबी चेहरों की बात करें तो इनमें पूर्व गृहमंत्री अनिल विज, पूर्व सांसद संजय भाटिया का नाम सबसे ऊपर है। वहीं जाट चेहरों में सुभाष बराला, कैप्टन अभिमन्यु और प्रदेश महामंत्री सुरेंद्र पूनिया का नाम भी चल रहा है। नाम ओपी धनखड़ का भी है, लेकिन मनोहर लाल उनके नाम पर कम ही सहमत होंगे।
इसके अलावा, SC चेहरों में पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और बंतो कटारिया का नाम ऊपर है। इसके अलावा डॉ. अशोक तंवर और राज्यसभा सदस्य कृष्ण लाल पंवार का नाम भी सामने आ रहा है।
अशोक तंवर अभी भाजपा में नए आए हैं। ऐसे में भाजपा संगठन की कमान उनको देने से पार्टी परहेज कर सकती है। वहीं OBC चेहरे पर पार्टी विचार नहीं कर रही, क्योंकि मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद OBC समाज से हैं।
भाजपा के अगर प्रदेशाध्यक्ष के पिछले कार्यकाल (Haryana News) पर नजर डाली जाए तो प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी पर ज्यादातर जाट नेता रहे। 2014 के बाद से ही भाजपा हरियाणा में सत्ता में हैं। 2014 में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी सुभाष बराला के पास चली गई थी। सुभाष बराला के नेतृत्व में पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया और चुनाव जीता। 2019 में भी पार्टी ने दोनों चुनावों में बेहतर प्रदर्शन किया। 2020 से 2023 तक ओपी धनखड़ प्रदेशाध्यक्ष बनाए गए। पार्टी ने पन्ना प्रमुखों तक मजबूत संगठन बनाया। इसके बाद नायब सैनी को प्रदेशाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई, मगर लोकसभा चुनाव से ऐन मौके पर मनोहर लाल की जगह नायब सैनी को मुख्यमंत्री बना दिया गया। अभी सैनी ही प्रदेशाध्यक्ष हैं।
बता दें कि भाजपा सूत्रों के मुताबिक 15 जून के बाद कभी भी पार्टी नए प्रदेशाध्यक्ष का ऐलान कर सकती है। आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक है। ऐसे में पार्टी ऐसे प्रदेशाध्यक्ष का चुनाव करेगी जो संगठन को साथ लेकर चले।
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