प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लोगों से खाने के तेल की खपत को 10 प्रतिशत कम करने का आग्रह किया था। इसके बाद फरवरी में एडिबल ऑयल का आयात फरवरी में चार साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया है। सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल के आयात में गिरावट के कारण ऐसा हुआ है। हालांकि पाम ऑयल के आयात में थोड़ा सुधार हुआ है जो जनवरी में 14 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गया था।
भारत दुनिया में वेजिटेबल ऑयल का सबसे बड़ा आयातक है और अपनी जरूरत का करीब 60% आयात करता है। लगातार दूसरे महीने खाने के तेल के आयात में गिरावट आई है और आने वाले महीनों में भारत को आयात बढ़ाना पड़ सकता है। डीलरों के मुताबिक फरवरी में पाम ऑल का आयात पिछले महीने के मुकाबले 36 फीसदी बढ़कर 374,000 मीट्रिक टन पहुंच गया।
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