नरेंद्र मोदी ने देश के पीएम के रूप में तीसरी बार शपथ ले ली है और देश में तीसरी बार मोदी सरकार बन चुकी है। वहीं केंद्र में तीसरी बार NDA की सरकार बनते ही मोदी सरकार देश की सुरक्षा के लिए एक्टिव हो गई है। पीएम मोदी ने एक बार फिर से अजित डोभाल पर भरोसा जताते हुए उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया है। अगले आदेश तक अजित डोभाल देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहेंगे।
कीर्ति चक्र से सम्मानित
आपको बता दें कि, अजित डोभाल 1968 बैच के IPS अधिकारी हैं। अजित डोभाल को भारत के दूसरे सबसे बडे़ शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जा चुका है। इसके साथ ही अजित डोभाल ने छह वर्षों तक पाकिस्तान में भातीय उच्चायोग में सेवा की।
कंधार हाईजैक बने मुख्य वार्ताकार
जब साल 1999 में कंधार विमान हाईजैक हुआ तो एयर इंडिया की उड़ान आईसी-814 के यात्रियों को रिहा करने में मुख्य वार्ताकार के तौर पर अजीत डोभाल ने अहम भूमिका निभाई थी। आपको बता दें कि, डोभाल 2004 से 2005 के बीच इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर भी रह चुके हैं।
सर्जिकल स्ट्राइक के मास्टरमाइंड
साल 2016 में जब भारतीय सेना की तरफ से सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी तो अजीत डोभाल ने इस स्ट्राइक की रणनीति तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आपको बता दें कि, अजीत डोभाल उन गिने चुने लोगों में शामिल थे, जिन्हें बालाकोट सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में पता था।
नर्सों की घर वापसी के नायक
जब पहली बार अजित डोभाल देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बने तो इस दौरान 546 भारतीय नर्सों को वापस लाने में अहम उनकी भूमिका काफी अहम थी। मोसुल में आईएसआईएस के कब्जे से छुड़ाने में अजीत डोभाल ने सक्रिय भूमिका निभाई थी।
म्यामांर में सैन्य ऑपरेशन के स्टार
यही नहीं म्यांमार में नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के अलगाववादियों के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन के पीछे भी अजित डोभाल थे। अजित डोभाल इस पूरे अभियान का मास्टर माइंड कहा जाता है।
डोकलाम विवाद सुलझाने में भूमिका
जब भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद चल रहा था तो उस पूरे गतिरोध को सुलझाने में अजित डोभाल की अहम भूमिका काफी अहम थी। डोभाल ने इस पूरे विवाद को सुलझाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
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