पश्चिम बंगाल के फलता विधानसभा क्षेत्र में EVM से कथित छेड़छड़ के आरोपों ने राजनीतिक हलचल तेज कर दी है। चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक की रिपोर्ट में कई गंभीर सवाल उठे हैं, जिसके बाद पुनर्मतदान की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है।
कई बूथों के कैमरे बंद होने का आरोप
सूत्रों के अनुसार, मतदान के दिन सुबह फलता के कई बूथों के CCTV कैमरे बंद पाए गए। दोपहर करीब 1 बजे प्रिसाइडिंग ऑफिसर ने “टेप रिमूव्ड” की सूचना दी, लेकिन तब तक लगभग 58 प्रतिशत मतदान हो चुका था। इस खुलासे ने पूरे चुनावी माहौल को और संवेदनशील बना दिया है।
मतगणना के बाद भी हो सकता है री-पोल
चुनाव आयोग ने अभी तक अंतिम फैसला नहीं सुनाया है, लेकिन कानूनी प्रावधानों के तहत मतगणना के बाद भी पुनर्मतदान कराया जा सकता है। सूत्रों का कहना है कि आयोग फलता को लेकर अभूतपूर्व निर्णय ले सकता है। रविवार तक भी री-पोल कराए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
भाजपा ने 23 बूथों पर मांगा पुनर्मतदान
भाजपा ने फलता के 23 बूथों पर पुनर्मतदान की मांग की है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं। भाजपा IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने भी सोशल मीडिया पर EVM पर टेप लगे होने का वीडियो साझा कर सवाल खड़े किए हैं।
आयोग की नजर, सबकी निगाहें फैसले पर
मुख्य चुनाव आयुक्त के निर्देश पर विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता ने डायमंड हार्बर पहुंचकर पूरे मामले की जांच की। अब राजनीतिक दलों समेत आम जनता की नजर चुनाव आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है।