लोकसभा चुनाव के नतीजों आने के बाद से ये सवाल कई बार उठे हैं, इसकी वजह है RSS की ओर से लगातार ऐसे बयान जिसने सियासी गलियारों में चर्चा हो रही है, इसकी शुरुआत खुद संघ प्रमुख मोहन भागवत ने की है , भागवत नतीजों के चंद दिन बाद ही नागपुर से ऐसी टिप्पणी की जिसे सीधे तौर पर PM मोदी पर टारगेट के तौर पर देखा गया, संघ प्रमुख मोहन भागवत कहा था कि जो मर्यादा का पालन करते हुए काम करता है, गर्व करता है पर अहंकार नहीं करता, वही सही अर्थों में सेवक कहलाने का अधिकारी है, टिप्पणी को कहीं न कहीं केंद्र सरकार को नसीहत के तौर पर देखा गया, यही नहीं उस समय संघ प्रमुख और भी कई ऐसी बातें कहीं जिसे PM मोदी के लिए सीधा मैसेज माना गया
भागवत के बयान से फिर क्यों छिड़ी चर्चा
आप सोच रहे होंगे अचानक ये चर्चा क्यों शुरू हुई, ऐसा इसलिए क्योंकि मोहन भागवत ने एक बार फिर कुछ ऐसा कहा है जिसकी तुलना कांग्रेस ने अग्नि मिसाइल से की है. भागवत ने यहां तक कह दिया 'नागपुर ने अग्नि मिसाइल लोक कल्याण मार्ग पर दागी है' आखिर संघ प्रमुख ने इस बार क्या कहा जिस पर रिएक्ट करते हुए कांग्रेस नेतृत्व ने पीएम मोदी को टारगेट कर दिया, यही नहीं बीते कुछ महीनों में RSS की ओर से क्या कुछ कहा गया जिससे बीजेपी और संघ में खटपट की चर्चा ने जोर पकड़ लिया
भागवत ने क्या कहा जानिए
RSS प्रमुख मोहन भागवत ने गुमला में एक दिन पहले टिप्पणी की, जिसे दिल्ली को क्लीयर मैसेज के तौर पर देखा जा रहा, भागवत ने कहा कि 'व्यक्ति को मानवता की सेवा के लिए प्रयास करना चाहिए, आत्म-विकास के दौरान, एक व्यक्ति 'सुपरमैन', फिर 'देवता' और 'भगवान' बनना चाहता है और 'विश्वरूप' की आकांक्षा रखता है, लेकिन कोई भी निश्चित नहीं है कि आगे क्या होगा, प्रगति और विकास का कोई अंत नहीं है, हमें लगातार काम करते रहना चाहिए, क्योंकि विकास का अंतहीन सिलसिला है