चैत्र नवरात्रि और हिंदू नववर्ष का आज रविवार को पहला दिन है। पहले दिन माता के शैलपुत्री रूप की पूजा होती है। नए साल के पहले दिन देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ है। सुबह से ही लोग मंदिर पहुंच रहे हैं। हर कोई नए साल की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ कर रहे है। चैत्र नवरात्र के प्रथम दिन शहर के सभी देवी मंदिरों में रविवार सुबह से ही पूजा अर्चना करने के लिए भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। भक्तों की सुरक्षा के मद्देनजर मंदिर प्रबंधन तंत्र एवं पुलिस प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ लगा हुआ है।
मां के दर्शन के लिए भक्तों की उमड़ी भीड़
प्रयागराज की प्रसिद्ध सिद्धपीठ मां अलोप शंकरी देवी के पुजारी विकास मिश्र ने बताया कि नवरात्र के शुभ अवसर पर मां के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ आती है। भीड़ नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर के अन्दर एवं मंदिर परिसर के बाहर पूरी तैयारी कर ली गई है। मंदिर में भक्तों के प्रवेश द्वार एवं निकास द्वार के लिए बैरीकेटिंग लगाई गई है।
भक्तों के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया
विकास मिश्रा ने बताया कि नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को 3.30 बजे मंदिर खुल गया और विधिवत साफ—सफाई एवं आरती के बाद भक्तों के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया है। इसके बाद सुबह 5 बजे से 5.30 बजे पुन: मंदिर मां के सिंगार के लिए बंद किया गया और उसके बाद भक्तों के लिए मंदिर खोल दिया गया।
मां अम्बे देवी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे
नवरात्रि के पहले दिन बलरामपुर के भड़ासिया स्थित मां अम्बे देवी मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यह मंदिर नेपाल बॉर्डर से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। मंदिर का निर्माण 90 के दशक में हुआ था। बलरामपुर के महाराजा जैनेन्द्र प्रताप सिंह ने 2020-21 में मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया। इससे मंदिर की मान्यता और बढ़ गई।
माता भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं
नवरात्रि में श्रद्धालु नौ दिनों तक उपवास रखते हैं। वे शक्ति पीठों पर माता के स्वरूप की पूजा-अर्चना करते हैं। नौ दिनों के बाद कन्या पूजन कर भोजन कराते हैं। मान्यता है कि इससे माता भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करती हैं।
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