कोलकाता (पश्चिम बंगाल): कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) ने भारतीय नौसेना के युद्धपोत निर्माण कार्यक्रम में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। भारतीय नौसेना के लिए बनाए गए पहले ‘नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल’ (NGOPV) को आधिकारिक रूप से जल में उतारा गया।
युद्धपोत का नाम ‘संघमित्रा’ रखा गया
भारतीय नौसेना के इस अत्याधुनिक तटीय गश्ती जहाज का नाम ‘संघमित्रा’ रखा गया है। यह जहाज समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए तैयार किया गया है।
GRSE शिपयार्ड में हुआ भव्य आयोजन
GRSE के शिपयार्ड में आयोजित भव्य समारोह में भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी और रक्षा विशेषज्ञ मौजूद रहे। पारंपरिक रीति-रिवाजों, वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच इस युद्धपोत का जलावतरण किया गया। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति एडमिरल संजय वात्स्यायन की पत्नी सरिता वात्स्यायन ने औपचारिक रूप से जहाज को जल में उतारा।
‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को बड़ी सफलता
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार ‘संघमित्रा’ का सफल जलावतरण ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित आधुनिक युद्धपोत है, जो भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा और निगरानी क्षमता को और मजबूत करेगा।
क्या है NGOPV (Next Generation Offshore Patrol Vessel)?
NGOPV एक बहुउद्देश्यीय युद्धपोत है, जिसे समुद्र में बड़े क्षेत्र में गश्त, तस्करी और समुद्री डकैती रोकने तथा तटीय सुरक्षा के लिए डिजाइन किया गया है। यह जहाज दुश्मन गतिविधियों पर नजर रखने के साथ-साथ आपातकालीन बचाव अभियानों में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
देश के लिए गर्व का पल
कोलकाता की धरती से GRSE की यह उपलब्धि न केवल पश्चिम बंगाल बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय बन गई है। यह कदम भारत की समुद्री रक्षा क्षमता को एक नई दिशा देता है।