गांधीनगर: सेना में 'अग्निवीर' (Agniveer) योजना के तहत कम अवधि की नौकरी को लेकर देश में लंबे समय से बहस चल रही है। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य गुजरात से अग्निवीरों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। सोमवार को गुजरात सरकार ने सेना से सेवामुक्त होने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए राज्य सरकार की नौकरियों (क्लास-3 पदों) में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का ऐतिहासिक ऐलान किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने खुद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर पोस्ट साझा कर अग्निवीरों को इस बड़े तोहफे की जानकारी दी।
शारीरिक परीक्षा से मिलेगी मुक्ति, उम्र में 5 साल तक की छूट
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की घोषणा के अनुसार, पूर्व अग्निवीरों को न केवल आरक्षण मिलेगा, बल्कि उन्हें राज्य सरकार की कई भर्तियों में शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) से भी पूरी तरह छूट दी जाएगी।
इसके अलावा, अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में भी रियायत दी जाएगी:
सामान्य तौर पर पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट मिलेगी।
अग्निवीरों के पहले बैच के सदस्यों को विशेष प्रोत्साहन देते हुए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष तक की छूट देने के लिए गाइडलाइंस जारी की गई हैं।
इन विभागों की सरकारी नौकरियों में मिलेगा फायदा
गुजरात सरकार का यह फैसला कानून-व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े कई अहम विभागों में लागू होगा। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यह लाभ निम्नलिखित पदों की सीधी भर्ती पर लागू होंगे:
1. पुलिस विभाग: सशस्त्र पुलिस सब-इंस्पेक्टर, सशस्त्र पुलिस कांस्टेबल, और पुलिस कांस्टेबल।
2. स्टेट रिजर्व पुलिस (SRP): एसआरपी प्लाटून कमांडर के पद।
3. जेल विभाग: 'जेलर ग्रुप-2' और 'जेल सिपाही' (जेल वार्डन)।
4. वन एवं पर्यावरण विभाग: 'फॉरेस्ट गार्ड क्लास-3' और 'फॉरेस्ट वॉचर क्लास-3'।
क्यों लिया गया यह फैसला?
केंद्र सरकार और विभिन्न राज्य सरकारों के बीच तालमेल के तहत यह कदम उठाया गया है, ताकि 'अग्निपथ' योजना के तहत 4 साल का अपना कार्यकाल सफलतापूर्वक पूरा करने वाले जवानों को भविष्य में रोजगार के लिए भटकना न पड़े। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने साल 2022 में 'अग्निपथ' योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत देश के युवाओं को थलसेना, नौसेना और वायुसेना में 4 साल की अवधि के लिए भर्ती किया जाता है, जिसके बाद 25% जवानों को सेना में रख लिया जाता है और बाकी को सेवामुक्त कर दिया जाता है। गुजरात सरकार का यह फैसला रिटायर होकर लौटने वाले युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।