कोलकाता के लाउडन स्ट्रीट स्थित I-PAC कार्यालय और निदेशक प्रतीक जैन के घर पर 8 जनवरी को हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी में शामिल दो अधिकारियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया है। दिल्ली में आयोजित ED दिवस समारोह के दौरान इन अधिकारियों को उनके उत्कृष्ट कार्य और जांच में योगदान के लिए पुरस्कृत किया गया।
किन अधिकारियों को मिला पुरस्कार
इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी का नेतृत्व करने वाले ED के सहायक निदेशक विक्रम अहलावत और प्रशांत चंदिला को सम्मानित किया गया। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दोनों अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान किया। ED के अनुसार, यह सम्मान जांच के दौरान उनके धैर्य, समर्पण और पेशेवर दक्षता को देखते हुए दिया गया।
अदालत में अहम साबित हुए दस्तावेज
सूत्रों के मुताबिक, विक्रम अहलावत ने पूरे घटनाक्रम को बेहद शांतिपूर्वक संभाला और विस्तृत घटना रिपोर्ट तैयार की, जो बाद में अदालत में अहम दस्तावेज साबित हुई। वहीं प्रशांत चंदिला ने पंचनामा तैयार किया, जिसे सुप्रीम कोर्ट में प्राथमिक साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया।
छापेमारी के दौरान बढ़ा था विवाद
8 जनवरी को सुबह ED की टीम सबसे पहले प्रतीक जैन के आवास पर पहुंची थी। कार्रवाई की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी वहां पहुंच गईं। तलाशी के दौरान उनकी मौजूदगी और हाथ में फाइल लेकर बाहर निकलने की तस्वीरों ने बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया था।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा मामला
बाद में ED ने जांच में हस्तक्षेप और सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ED I-PAC कार्यालय से चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज जुटाने की कोशिश कर रही थी।