नई दिल्ली: सर्दियों की शुरुआत के साथ ही देश के कई शहरों में वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होने लगी है। पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब दर्ज की जा रही है। पराली जलाने की घटनाओं और मौसम में बदलाव के बीच प्रदूषण का स्तर बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। एक रिपोर्ट में पंजाब के बठिंडा का AQI 1018 बताया गया है।
बठिंडा, सिरसा और रोहतक में प्रदूषण का दावा
बठिंडा को देश का सबसे प्रदूषित शहर बताया गया है। रिपोर्ट में इसका AQI 1018 दर्ज होने का दावा किया गया है।वहीं, हरियाणा के सिरसा और रोहतक को दूसरे और तीसरे स्थान पर रखा गया है। पंजाब के फरीदकोट और जालंधर भी इस सूची में शामिल बताए गए हैं।
देश के 10 प्रदूषित शहरों की सूची
रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार प्रदूषित शहरों की सूची इस प्रकार है
रैंक शहर रिपोर्ट में बताया गया AQI
1 बठिंडा, पंजाब 1018
2 सिरसा, हरियाणा 848
3 रोहतक, हरियाणा 847
4 फरीदकोट, पंजाब 801
5 जालंधर, पंजाब 760
6 मेरठ, उत्तर प्रदेश 678
7 गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश 648
8 सोनीपत, हरियाणा 585
9 हिसार, हरियाणा 562
10 मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश 545
देश के 37 शहरों में प्रदूषण का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार को देश के 37 शहरों में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी। इनमें उत्तर प्रदेश के 16, हरियाणा के 11 और पंजाब के 8 शहर शामिल बताए गए।इसके अलावा राजस्थान के अलवर और नई दिल्ली में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ने की जानकारी दी गई।
दिल्ली-NCR में भी बिगड़ी हवा की स्थिति
दिल्ली और आसपास के शहरों में भी वायु प्रदूषण गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट में मंगलवार के आंकड़े इस प्रकार बताए गए हैं
नई दिल्ली: 496 AQI
ग्रेटर नोएडा: 493 AQI
नोएडा: 469 AQI
फरीदाबाद: 439 AQI
गुरुग्राम: 395 AQI
दूसरे महानगरों में प्रदूषण का स्तर
देश के अन्य बड़े महानगरों में प्रदूषण का स्तर अपेक्षाकृत कम बताया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार मंगलवार को कोलकाता का AQI 176, मुंबई का 151 और हैदराबाद का 82 दर्ज किया गया। इससे उत्तर भारत के कई शहरों में प्रदूषण की गंभीरता का अंतर सामने आता है।
CPCB के AQI स्केल में 500 है अधिकतम सीमा
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के भारतीय AQI स्केल में 0 से 50 अच्छी, 51 से 100 संतोषजनक, 101 से 200 मध्यम, 201 से 300 खराब, 301 से 400 बेहद खराब और 401 से 500 गंभीर श्रेणी मानी जाती है।
प्रदूषण से बचने के लिए बरतें सावधानी
वायु प्रदूषण बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रदूषण अधिक होने पर बाहर निकलने से बचें।
खुले में व्यायाम और दौड़ने से परहेज करें।
जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क इस्तेमाल करें।
घरों में धूल और धुएं का प्रवेश कम रखें।
स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करें।