मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और समुद्री मार्गों पर बढ़ती अस्थिरता के बीच भारत के ऊर्जा क्षेत्र के लिए एक सकारात्मक खबर आई है। एलपीजी से भरा जहाज ‘एमटी सर्व शक्ति’ सफलतापूर्वक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुका है। यह वही समुद्री मार्ग है, जहां हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय तनाव और सुरक्षा चुनौतियों के कारण जहाजों की आवाजाही को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ऐसे समय में भारतीय जरूरतों के लिए गैस लेकर आ रहे इस जहाज का सुरक्षित निकलना बड़ी राहत माना जा रहा है।
46 हजार मीट्रिक टन LPG लेकर भारत आ रहा जहाज
सूत्रों के अनुसार ‘एमटी सर्व शक्ति’ जहाज में करीब 46 हजार मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी भरी हुई है। यह गैस घरेलू रसोई ईंधन और औद्योगिक उपयोग के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि जहाज 13 मई तक विशाखापट्टनम बंदरगाह पहुंच सकता है। इस शिपमेंट के सुरक्षित पहुंचने से देश में एलपीजी आपूर्ति को लेकर बनी आशंकाओं में काफी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
जहाज पर मौजूद 18 भारतीय नाविक सुरक्षित
जहाज पर कुल 20 क्रू मेंबर तैनात हैं, जिनमें 18 भारतीय नागरिक शामिल बताए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी भारतीय नाविक पूरी तरह सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों के दौरान किसी भी भारतीय जहाज के साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है। समुद्री सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके।
सरकार और मंत्रालय लगातार कर रहे निगरानी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नौवहन मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावासों और समुद्री क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बनाया गया है। डीजी शिपिंग का कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे हालात की निगरानी कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक हजारों फोन कॉल और ईमेल के जरिए लोगों की चिंताओं का जवाब दिया गया है तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील समुद्री मार्ग से भारतीय जहाज का सुरक्षित गुजरना भारत की ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण संकेत है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है और पश्चिम एशिया इसमें अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में इस तरह के सफल गैस शिपमेंट देश की ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन स्थिरता के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
वैश्विक तनाव के बीच बढ़ी सतर्कता
हालिया घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। खासतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य को दुनिया के सबसे संवेदनशील व्यापारिक मार्गों में गिना जाता है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे माहौल में भारत सरकार लगातार अपने जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय रणनीति पर काम कर रही है।