नई दिल्ली. नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह के मार्च में पदभार संभालने के बाद यह उनकी किसी भी पड़ोसी देश की पहली यात्रा होगी। यात्रा 22 से 24 नवंबर के बीच प्रस्तावित है और इसे अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने संबंधों को देखते हुए यह मुलाकात दोनों देशों के लिए विशेष महत्व रखती है। यात्रा के दौरान द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों पक्ष इसे रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर मान रहे हैं। उच्च स्तरीय आदान-प्रदान से आपसी विश्वास और सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी की काठमांडू यात्रा
भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राई के निमंत्रण पर दो दिवसीय यात्रा पर काठमांडू पहुंचे। बुधवार को उन्होंने नेपाल के विदेश मामलों के मंत्री शिशिर खनाल और विदेश सचिव से मुलाकात की। यह यात्रा प्रधानमंत्री बालेन शाह की भारत यात्रा की तैयारियों के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मिसरी गुरुवार को प्रधानमंत्री शाह से भी मुलाकात करने वाले हैं जिसमें यात्रा के एजेंडे को अंतिम रूप दिया जाएगा। भारतीय दूतावास ने भी इस मुलाकात को आगामी उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की तैयारी बताया है। दोनों पक्षों ने बहुआयामी साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
नेपाली विदेश मंत्री और सचिव के साथ चर्चा के मुख्य बिंदु
नेपाल के विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों विदेश सचिवों के बीच हुई वार्ता में भारत-नेपाल संबंधों के पूरे विस्तार पर चर्चा हुई। इसमें उच्च स्तरीय यात्राओं का आदान-प्रदान कनेक्टिविटी व्यापार विकास सहयोग ऊर्जा और जन संपर्क संबंध शामिल रहे। नेपाली विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि दोनों देशों के घनिष्ठ संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे। बैठक में ऊर्जा व्यापार खेल और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत हुई। दोनों पक्षों ने ऐतिहासिक मित्रता को और गहरा करने पर सहमति जताई। चर्चा में आपसी हित के कई मुद्दों को शामिल किया गया।
द्विपक्षीय संबंधों के प्रमुख क्षेत्र और सहयोग के आयाम
बैठक में कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने व्यापार को बढ़ावा देने विकास सहयोग बढ़ाने और ऊर्जा क्षेत्र में साझेदारी पर विशेष ध्यान दिया गया। जन-जन के स्तर पर संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के उपायों पर भी विचार विमर्श हुआ। नेपाल की ओर से कहा गया कि बहुआयामी साझेदारी को और गहरा करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। दोनों देश अपनी भौगोलिक निकटता और सांस्कृतिक समानताओं के आधार पर सहयोग के नए अवसर तलाश रहे हैं। ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग दोनों पक्षों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। व्यापार और कनेक्टिविटी संबंधी बाधाओं को दूर करने पर भी सहमति बनी।
उच्च स्तरीय मुलाकातों की तैयारी और अपेक्षाएं
विदेश सचिव मिसरी की यात्रा का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री बालेन शाह की भारत यात्रा को सुचारू और सफल बनाना है। गुरुवार को होने वाली मुलाकात में यात्रा के दौरान होने वाली चर्चाओं के एजेंडे को अंतिम रूप दिए जाने की संभावना है। दोनों पक्ष अपेक्षा कर रहे हैं कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान करेगी। भारतीय दूतावास ने स्पष्ट किया कि आगामी उच्च स्तरीय आदान-प्रदान से बहुआयामी साझेदारी के विस्तार के अवसर पैदा होंगे। नेपाली पक्ष भी इस यात्रा को रिश्तों में नई ऊर्जा भरने वाला मान रहा है। तैयारियां दोनों ओर से पूरी गंभीरता से की जा रही हैं।
ऐतिहासिक संबंधों को नई ऊंचाई देने का प्रयास
नेपाल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों के बीच सदियों पुराने संबंधों को और मजबूत करने तथा बहुआयामी साझेदारी को गहरा करने पर व्यापक चर्चा हुई। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने विश्वास जताया कि घनिष्ठ संबंध नई ऊंचाइयों को छुएंगे। दोनों पक्षों ने शिक्षा खेल और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की। यह प्रयास भारत-नेपाल मित्रता को समकालीन चुनौतियों और अवसरों के अनुरूप ढालने का हिस्सा है। उच्च स्तरीय आदान-प्रदान से आपसी समझ और सहयोग को और मजबूती मिलेगी। दोनों देश भविष्य में और अधिक समन्वय के साथ आगे बढ़ने को तैयार हैं।