नई दिल्ली - आज पूरी दुनिया 12वें इंटरनेशनल योग दिवस मना रही है। योग की जन्मस्थली भारत में इस अवसर पर विशेष उत्साह देखने को मिला। देश के विभिन्न शहरों, संस्थानों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और वैश्विक कल्याण का प्रभावी माध्यम बताते हुए लोगों से इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
सत्ता और विपक्ष एक मंच पर
योग दिवस के मौके पर केंद्र और राज्य सरकारों के कई मंत्री, सांसद और जनप्रतिनिधि सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। खास बात यह रही कि सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेताओं ने भी योगाभ्यास किया और इसके महत्व पर अपने विचार साझा किए। कई नेताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली का माध्यम है।
योग मानसिक रूप से जागृति लाता है
12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि, मैं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर सभी को दिल से बधाई देता हूं,11 दिसंबर, 2014 को यूनाइटेड नेशंस ने हर साल 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने का फैसला किया था। करीब 190 देशों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था और तब से हम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं। योग मानसिक रूप से जागृति लाता है और हमें शांत मन से लंबे समय तक काम करने के लिए प्रेरित करता है।