विजयवाड़ा - आज पूरी दुनिया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। योग की जन्मस्थली भारत में इस अवसर पर विशेष उत्साह देखने को मिला। देश के विभिन्न शहरों, स्कूलों, संस्थानों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। पीएम मोदी ने भी योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने योग को केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और वैश्विक कल्याण का माध्यम बताते हुए लोगों से इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की।
विजयवाड़ा में भव्य आयोजन
आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में इस वर्ष योग दिवस का विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां राज्य के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडूने योग गुरु बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के साथ योग कार्यक्रम का नेतृत्व किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास किया।
योग को बताया वैश्विक समाधान
कार्यक्रम के दौरान बाबा रामदेव ने कहा कि आज पूरी दुनिया कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक समस्याओं का सामना कर रही है। ऐसे में योग ही एक ऐसा साधन है जो जीवन को संतुलित और स्वस्थ बना सकता है। उन्होंने लोगों से रोजाना 10 से 20 मिनट योग करने का संकल्प लेने की अपील की। नेताओं और योग गुरुओं ने एक स्वर में कहा कि योग केवल भारत की परंपरा नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक उपहार है। यह शरीर, मन और आत्मा को संतुलित करने का माध्यम है, जिसे अपनाकर लोग बेहतर जीवन जी सकते हैं।
वैश्विक स्तर पर बढ़ता प्रभाव
आज योग पूरी दुनिया में एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। अलग-अलग देशों में लाखों लोग योग को अपनी दिनचर्या में शामिल कर चुके हैं, जिससे इसका प्रभाव लगातार बढ़ता जा रहा है और भारत की सांस्कृतिक विरासत और मजबूत हो रही है।