मुंबई - आज पूरी दुनिया 12वें इंटरनेशनल योग दिवस मना रही है। योग की जन्मस्थली भारत में इस अवसर पर विशेष उत्साह देखने को मिला। देश के विभिन्न शहरों, संस्थानों, स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों पर बड़े पैमाने पर योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी योग दिवस के अवसर पर सामूहिक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने योग को स्वस्थ जीवन, मानसिक शांति और वैश्विक कल्याण का प्रभावी माध्यम बताते हुए लोगों से इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
सत्ता और विपक्ष एक मंच पर
योग दिवस के मौके पर केंद्र और राज्य सरकारों के कई मंत्री, सांसद और जनप्रतिनिधि सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुए। खास बात यह रही कि सत्ता पक्ष के साथ-साथ विपक्षी दलों के नेताओं ने भी योगाभ्यास किया और इसके महत्व पर अपने विचार साझा किए। कई नेताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मिक शांति और सकारात्मक जीवनशैली का माध्यम है।
स्वस्थ, सशक्त और एकाग्र समाज के निर्माण में योग की भूमिका पर जोर
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने भी मुंबई में 12वें इंटरनेशनल योग दिवस के मौके पर योग किया। योग करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट शेयरकिया। इस पोस्ट में ठाकुर ने लिखा - योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि मानसिक स्पष्टता, आध्यात्मिक शांति और शारीरिक सुदृढ़ता का समग्र माध्यम है। आधुनिक जीवन की भागदौड़ और तनाव के बीच योग एक स्वस्थ, सशक्त और एकाग्र समाज के निर्माण का प्रभावी साधन है।
योग के जरिए दुनिया में मजबूत हुई भारत की सॉफ्ट पावर
अनुराग ठाकुर ने आगे अपने इस लेख में लिखा है कि, पीएम मोदी के नेतृत्व में योग का एक प्राचीन भारतीय परंपरा से विश्वव्यापी जन-आंदोलन के रूप में विकसित होना भारत की सांस्कृतिक कूटनीति और उसकी प्रभावशाली सॉफ्ट पावर का सशक्त उदाहरण है। भारत ने अपनी इस अमूल्य विरासत को दुनिया के साथ साझा कर शांति, स्वास्थ्य और वैश्विक एकता का संदेश दिया है, जिससे विभिन्न संस्कृतियों और देशों के बीच संवाद और सौहार्द को नई दिशा मिली है। आज 12 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मुंबई में योगासन के माध्यम से आधुनिक जीवन में योग की उपयोगिता के बारे में अपने विचार साझा किए।
भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक
पिछले कुछ वर्षों में योग का वैश्विक प्रभाव लगातार बढ़ा है। आज दुनिया के अनेक देशों में लाखों लोग योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विदेशों में भी बड़े पैमाने पर सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किए गए। योग को भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के माध्यम से भारत का यह संदेश पूरी दुनिया तक पहुंच रहा है कि स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन के लिए योग एक प्रभावी और सार्वभौमिक साधन है।