नई दिल्ली: अपने बेबाक और अक्सर विवादित बयानों के लिए मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री और हिमाचल प्रदेश के मंडी से भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत एक बार फिर सोशल मीडिया पर सुर्खियों में हैं। इस बार कंगना के निशाने पर NEET (नीट) प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर सड़कों पर आंदोलन कर रहे छात्र और सोशल मीडिया पर एक्टिव 'Gen-Z' (आज की युवा पीढ़ी) है। कंगना ने आज के युवाओं की जीवनशैली और विरोध के तरीकों पर तीखा प्रहार करते हुए उन्हें 'गटर जनरेशन' तक कह डाला।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर एक लंबे-चौड़े पोस्ट में कंगना रनौत ने पश्चिमी संस्कृति का अंधानुकरण करने वाले युवाओं पर अपनी भड़ास निकाली।
"पढ़ाई में फिसड्डी, न अच्छी गृहिणी बनने के लायक"
कंगना रनौत ने अपने पोस्ट में दावा किया कि वे आज की युवा पीढ़ी (Gen-Z) को 'नर्क की पीढ़ी' या 'जनरेशन गटर' मानती हैं। कंगना ने लिखा कि समाज या देश के विकास में इस पीढ़ी का कोई सकारात्मक योगदान नहीं है।सांसद ने तंज कसते हुए कहा, "ये युवा न तो पढ़ाई में पारंगत हैं और न ही इनकी सोच ऐसी है कि वे भविष्य में एक अच्छी गृहिणी भी बन सकें। आज के दौर में नशा, शराबखोरी और कई अनैतिक संबंधों को स्वतंत्रता (फ्रीडम) का प्रतीक मान लिया गया है। माता-पिता की कमाई पर ऐश करने के बावजूद खुद को 'स्वतंत्र महिला' साबित करने का खोखला नाटक किया जा रहा है।"
कंगना ने समझाई 'असली स्वतंत्र महिला' की परिभाषा
विवादित बयान के साथ ही कंगना ने स्वतंत्र महिला होने की अपनी परिभाषा भी साझा की। उन्होंने कहा कि असली स्वतंत्र महिला वह है जो समाज के लीक से हटकर अपना करियर खुद बनाती है, अपने जीवन के फैसले खुद लेती है और अपने हर कदम की जिम्मेदारी हंसते-हंसते उठाती है।कंगना के मुताबिक, "स्वतंत्रता कोई तोहफा नहीं है जिसे मांग लिया जाए, बल्कि इसे अपनी कड़ी मेहनत से हासिल करना पड़ता है। बिना कोई जिम्मेदारी उठाए केवल आजादी का दावा करना स्वतंत्रता नहीं हो सकती।"
प्रदर्शनकारियों के पहनावे और भाषा पर उठाए सवाल
यह पहली बार नहीं है जब कंगना ने NEET छात्रों के प्रदर्शन पर टिप्पणी की है। इससे पहले भी जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में हुए छात्र आंदोलनों के वीडियो और वायरल रील्स पर कंगना ने अपनी सख्त नापसंदगी जताई थी।कंगना ने तब लिखा था कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में एक साथ इतना 'बदसूरत और भद्दा' दृश्य कभी नहीं देखा। प्रदर्शनकारियों की भाषा और उनके कपड़ों को बेहद अश्लील बताते हुए कंगना ने कहा था कि खुद को 'कॉकरोच' (तिलचट्टा) बताकर जिस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, उसे देखने के बाद उन्हें गंभीर रूप से 'डिजिटल डिटॉक्स' (सोशल मीडिया से दूरी) की जरूरत महसूस हो रही है।कंगना रनौत के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस छिड़ गई है, जहां एक तरफ उनके समर्थक उनकी बेबाकी की तारीफ कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ युवा और छात्र संगठन उनके इस बयान की कड़ी निंदा कर रहे हैं।