कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के कालीघाट इलाके में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब आयकर विभाग की टीम ने कुमार साहा के आवास पर अचानक छापेमारी की। यह कार्रवाई तड़के केंद्रीय बलों की मौजूदगी में शुरू हुई और कई घंटों तक चली।
सुबह-सुबह पहुंची टीम, इलाके की घेराबंदी
जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 5:30 से 6:30 बजे के बीच अधिकारियों की टीम कालीघाट के ग्रीक चर्च रो स्थित फ्लैट पर पहुंची। केंद्रीय सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर लिया, जिसके बाद अंदर दस्तावेजों की जांच और पूछताछ शुरू हुई। बताया जा रहा है कि उनके अन्य ठिकानों पर भी समानांतर जांच की गई।
समर्थकों का विरोध, सड़क पर प्रदर्शन
छापेमारी की खबर फैलते ही तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता और समर्थक मौके पर जमा हो गए। उन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी की और वाहनों को रोकने की कोशिश की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पड़े।
देवाशीष कुमार केस से जुड़ाव के संकेत
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई देवाशीष कुमार के ठिकानों पर चल रही जांच से जुड़ी मानी जा रही है। उनके आवास और कार्यालयों पर भी आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की है, जिससे दोनों मामलों के बीच संभावित वित्तीय कनेक्शन की जांच की जा रही है।
क्या है जांच का आधार?
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आयकर विभाग आय-व्यय में गड़बड़ी, संदिग्ध लेन-देन और जमीन से जुड़े मामलों की जांच कर रहा है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में Enforcement Directorate द्वारा कथित रियल एस्टेट फ्रॉड केस में भी इन ठिकानों का जिक्र सामने आया है, हालांकि मौजूदा कार्रवाई मुख्य रूप से आयकर विभाग की बताई जा रही है।
चुनाव से पहले सियासी तकरार तेज
यह पूरी कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब राज्य में 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का पहला चरण 23 अप्रैल से शुरू होने वाला है। तृणमूल कांग्रेस ने इस छापेमारी को राजनीतिक दबाव की रणनीति बताया है, जबकि विपक्ष इस पर चुप्पी साधे हुए है।
कौन हैं कुमार साहा?
कुमार साहा दक्षिण कोलकाता के कालीघाट और आसपास के क्षेत्रों में तृणमूल कांग्रेस के प्रभावशाली स्थानीय नेता माने जाते हैं। पार्टी संगठन और स्थानीय गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है, और वे क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत पकड़ रखते हैं।
अब तक क्या मिला?
ताजा जानकारी के अनुसार, खबर लिखे जाने तक किसी बड़ी जब्ती या आधिकारिक खुलासे की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है और आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
फिलहाल नजर आगे की अपडेट पर
इस पूरे मामले में अब सबकी नजर आयकर विभाग और अन्य एजेंसियों की आधिकारिक बयान पर टिकी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस मामले में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।