कोलकाता: पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर चुनाव आयोग द्वारा पूरी सीट पर पुनर्मतदान (Re-polling) की घोषणा के बाद राज्य में राजनीतिक बवाल मच गया है। बेलेघाटा से टीएमसी उम्मीदवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष ने इस फैसले को 'राजनीति से प्रेरित' बताते हुए चुनाव आयोग और पुलिस पर्यवेक्षक पर जमकर हमला बोला है।
"मुजरा सिंघम को सस्पेंड करो"
कुणाल घोष ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा पर निशाना साधते हुए उन्हें "मुजरा सिंघम" करार दिया। घोष ने कहा, "आपके तथाकथित सिंघम वहां खड़े रहे और इतनी रिगिंग हो गई? उन्हें पहले सस्पेंड किया जाना चाहिए। वह बिना किसी कार्रवाई के कैसे बच सकते हैं?"
कुणाल घोष के 3 तीखे सवाल:
1. देर से क्यों जागी ईसी? कुणाल ने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव आयोग की हालत उस गैंडे जैसी है जिसे गुदगुदी करने पर तीन दिन बाद हंसी आती है। अगर रिगिंग हुई थी, तो चुनाव के दिन आयोग ने उसे क्यों नहीं पकड़ा?
2. केंद्रीय बलों की विफलता: घोष ने सवाल उठाया कि जब फालता में इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय बल और सेना तैनात थी, तो वे रिगिंग रोकने में नाकाम क्यों रहे?
3. राजनीतिक उद्देश्य: उन्होंने आरोप लगाया कि यह पुनर्मतदान केवल ममता बनर्जी की सरकार बनने से रोकने की एक असफल कोशिश है, जबकि तब तक ममता बनर्जी 230 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बना चुकी होंगी।
फालता में कब होगा मतदान?
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के अनुसार, फालता विधानसभा के सभी 285 बूथों पर अब 21 मई को दोबारा वोट डाले जाएंगे।
4 मई: राज्य की बाकी 293 सीटों के नतीजे आएंगे (फालता का परिणाम स्थगित रहेगा)।
21 मई: फालता में पुनर्मतदान।
24 मई: फालता सीट का अंतिम परिणाम।
क्यों गरमाया है फालता?
29 अप्रैल को हुए मतदान के बाद से ही फालता का हाशिमनगर इलाका रणक्षेत्र बना हुआ है। भाजपा समर्थकों ने वोट न दे पाने का आरोप लगाते हुए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। पुलिस ने इस मामले में तीन टीएमसी कार्यकर्ताओं—आतिबुर शेख, हबीब मुल्ला और हबीब शेख—को गिरफ्तार किया है। साथ ही पंचायत प्रधान इसराफिल चाकदार के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।कुणाल घोष ने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि आयोग चाहे कितनी भी कोशिश कर ले, फालता में जीत टीएमसी की ही होगी और यह सब "पंडश्रम" (व्यर्थ की मेहनत) साबित होगा।