पश्चिम बंगाल में अगले कई दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रह सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के कोलकाता केंद्र ने बताया है कि राज्य के कई जिलों में 8 मई तक गरज-चमक, तेज हवाएं और भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। विभाग ने विशेष रूप से दक्षिण और उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में सतर्क रहने की सलाह दी है।
दक्षिण बंगाल में 50 से 60 KMPH तक चल सकती है हवा
IMD के अनुसार 4 और 5 मई को दक्षिण बंगाल के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। पूर्व और पश्चिम मिदनापुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, बांकुड़ा, पुरुलिया और झाड़ग्राम जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
उत्तर बंगाल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और कालिम्पोंग जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। अलीपुरद्वार में 7 से 20 सेंटीमीटर तक वर्षा हो सकती है। वहीं दार्जिलिंग और कालिम्पोंग के पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
किसानों और बिजली व्यवस्था पर असर की आशंका
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि तेज हवाओं और बिजली गिरने से कच्चे मकानों, पेड़ों, बिजली और संचार लाइनों को नुकसान पहुंच सकता है। साथ ही खड़ी फसलों और बागवानी पर भी इसका असर पड़ सकता है। खुले मैदानों में काम कर रहे लोगों और किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मछुआरों के लिए बड़ा अलर्ट
2 मई से 5 मई तक पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के आसपास समुद्र में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो झोंकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती हैं। मौसम विभाग ने साफ तौर पर मछुआरों को इस दौरान समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
जनता के लिए जरूरी सलाह
बिजली कड़कने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों के पास जाने से बचें। तेज बारिश या तूफान के समय सुरक्षित स्थान पर शरण लें। प्रशासन ने यातायात को भी सावधानी से संचालित करने की बात कही है।