भोपाल। जून 2026 में मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटें रिक्त होने वाली हैं। मौजूदा राजनीतिक गणित के अनुसार, दो सीटें भाजपा और एक कांग्रेस के खाते में जाने की संभावना है। लेकिन कांग्रेस में चल रही गुटबाजी और असंतोष का फायदा उठाकर भाजपा तीसरी सीट पर भी अपना उम्मीदवार उतारने की योजना बना रही है। पहले इस सीट के लिए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का नाम चर्चा में था, लेकिन दतिया में संभावित विधानसभा उपचुनाव के कारण अब किसी आदिवासी चेहरे को मैदान में उतारने पर विचार किया जा रहा है। इस रणनीति के दो उद्देश्य हैं,पहला कांग्रेस के आदिवासी विधायकों का समर्थन हासिल करना और दूसरा विपक्षी खेमे में सेंध लगाना है। भाजपा का दावा है कि कांग्रेस के कुछ आदिवासी विधायक उनके संपर्क में हैं।
एमपी में राज्यसभा की 3 सीटों पर चुनाव
मध्यप्रदेश में राज्यसभा की तीन सांसद दिग्विजय सिंह,सुमेर सिंह सोलंकी और जार्ज कुरियन का कार्यकाल जून में समाप्त हो रहा है। लेकिन कांग्रेस के लिए तीसरी सीट इस बार चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। दतिया विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद 230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के विधायकों की संख्या घटकर 64 रह गई है। इसके अलावा, विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा और बीना विधायक निर्मला सप्रे के मामले भी लंबित हैं।
जीत के लिए जरूरी वोट
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 58 वोट आवश्यक हैं। वर्तमान संख्या कांग्रेस के पास तो है, लेकिन पार्टी में असंतोष और संभावित क्रॉस वोटिंग मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। भाजपा के पास कुल 164 विधायक हैं। दो सीटें जीतने के बाद भी उसके पास लगभग 48 वोट बचे रहेंगे। यदि कांग्रेस में क्रॉस वोटिंग होती है और भाजपा को कुछ अतिरिक्त समर्थन मिल जाता है, तो पार्टी तीसरी सीट पर भी जीत दर्ज कर सकती है।
कांग्रेस में कमलनाथ-नटराजन के नाम पर चर्चा
कांग्रेस में फिलहाल मीनाक्षी नटराजन और पूर्व सीएम कमल नाथ के नाम राज्यसभा उम्मीदवार के तौर पर चर्चा में हैं। हालांकि, भाजपा की रणनीति को देखते हुए पार्टी तीसरी सीट पर आदिवासी या दलित चेहरे को मौका देने पर भी विचार कर सकती है, ताकि संभावित क्रॉस वोटिंग और राजनीतिक संतुलन के मद्देनजर अपनी स्थिति मजबूत रख सके।