जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश और देश को स्तब्ध कर दिया। गुरुवार शाम तूफानी हवाओं के कारण डूबे क्रूज में अब तक 9 लोगों की मौत हो चुकी है और चार लोग अभी भी लापता हैं, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। हादसे के बाद सामने आए वीडियो और गवाहों के बयान से क्रूज में सवार यात्रियों की लापरवाही की पुष्टि हुई है। कई यात्रियों ने सुरक्षा के लिए प्रदान की गई लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। अब हादसे के करीब 40 घंटे बाद क्रूज पायलट महेश पटेल ने अपना बयान मीडिया और अधिकारियों के सामने रखा।
पायलट महेश पटेल का बयान
महेश पटेल ने बताया कि क्रूज के निकलते समय कोई तूफान नहीं था और सिर्फ थोड़ी हवा चल रही थी। लौटते समय हवा तेज़ हो गई, जिससे नाव के किनारे एंकर लगाने में समस्या आई। पायलट ने कहा, "मुझे मौसम के बारे में सही जानकारी नहीं थी। मेरी नाव किसी भी वस्तु से टकराई नहीं। मैंने अपनी तरफ से पूरी कोशिश की।"
डांस करने के लिए नहीं पहना लाइफ जैकेट,पायलट का दावा
महेश पटेल ने लाइफ जैकेट से जुड़े आरोपों का भी जवाब दिया। उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों को जैकेट दी गई थी, लेकिन कुछ यात्रियों ने डांस करने के कारण उन्हें नहीं पहना। अचानक नाव में पानी भर गया और क्रूज पलट गई। पायलट ने कहा, "हम किनारे से लगभग 50-60 मीटर दूर थे।" पायलट ने हादसे के बाद अपनी मानसिक स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "पिछले तीन दिनों से मैं कुछ नहीं खा पाया। हादसे के दृश्य मेरी आंखों के सामने घूमते रहते हैं। मुझे गहरा पछतावा है और मैं प्रार्थना करता हूं कि किसी को ऐसा अनुभव न करना पड़े।
सरकार की कार्रवाई,पायलट की माफी
इस हादसे के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पायलट महेश पटेल को नौकरी से बर्खास्त कर दिया। साथ ही क्रूज हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं भी समाप्त कर दी गईं। होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को लापरवाही के कारण निलंबित किया गया, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच के निर्देश दिए गए। महेश पटेल ने अधिकारियों के समक्ष हादसे के लिए जिम्मेदारी स्वीकार की और माफी मांगी। यह हादसा सुरक्षा नियमों की अनदेखी और अचानक मौसम बदलाव के खतरों की याद दिलाता है।