कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतगणना से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेता और वरिष्ठ विधायक सुवेंदु अधिकारी ने पिंगला और दासपुर विधानसभा क्षेत्रों में मतगणना कार्य के लिए संविदा कर्मचारियों की तैनाती पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
“क्या लोकतंत्र संविदा कर्मियों के भरोसे?” — सुवेंदु अधिकारी
सुवेंदु अधिकारी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईवीएम, वीवीपैट और डाक मतपत्रों जैसी संवेदनशील जिम्मेदारियों में अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र का भविष्य ऐसे कर्मचारियों के हाथों में सौंपा जा रहा है।
“निष्पक्ष प्रक्रिया पर खतरा” - भाजपा नेता का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति से मतगणना प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। अधिकारी ने दावा किया कि इन पदों पर तैनात कर्मियों पर राजनीतिक दबाव पड़ने की आशंका बनी रहती है।
चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
सुवेंदु अधिकारी ने मुख्य चुनाव आयुक्त और पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा कि मतगणना केवल स्थायी और नियमित सरकारी कर्मचारियों की देखरेख में होनी चाहिए।
संवेदनशील पदों पर तैनाती पर सवाल
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि पिंगला और दासपुर में कई संविदा कर्मियों को मतगणना टीम में शामिल किया गया है, यहां तक कि ईवीएम मूवमेंट और सीलिंग जैसे कार्यों में भी अस्थायी स्टाफ लगाया गया है, जो चिंताजनक है।