यूपी में अगले दो से तीन दिनों के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि मंगलवार को इसको लेकर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
बंगाल नतीजों के बाद हो सकता है फेरबदल
पश्चिम बंगाल चुनाव के परिणाम आने के ठीक अगले दिन यूपी में कैबिनेट में बदलाव हो सकता है। इसे सियासी संतुलन साधने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी माने जाने वाले एक मंत्री का राजनीतिक भविष्य भी इस फेरबदल में प्रभावित हो सकता है।
दो मंत्रियों को संगठन में भेजे जाने की चर्चा
सूत्रों के मुताबिक दो मंत्रियों को सरकार से हटाकर संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है।
तीन बड़े नेताओं की भूमिका बदलने के संकेत
तीन वरिष्ठ नेताओं के कामकाज और जिम्मेदारियों में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
एक मंत्री के विभाग में कटौती संभव
दिल्ली से करीबी माने जाने वाले एक मंत्री के विभाग में कटौती की चर्चा भी सामने आ रही है।पश्चिमी उत्तरप्रदेश में जाट और गुर्जर समुदाय को साधने के लिए मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सकता है।
पूर्वांचल के ओबीसी नेताओं को मिल सकता है मौका
पूर्वांचल क्षेत्र के दो ओबीसी नेताओं को भी मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।
कुछ बड़े नेताओं की ताकत घट सकती है
इस फेरबदल में कुछ प्रभावशाली नेताओं के विभाग या जिम्मेदारियां कम की जा सकती हैं।
ब्राह्मण और दलित चेहरों को भी मिलेगा प्रतिनिधित्व
मंत्रिमंडल में एक नए ब्राह्मण चेहरे की एंट्री के साथ एक पुराने ब्राह्मण नेता की वापसी भी हो सकती है। वहीं दलित समुदाय से दो नए चेहरों को भी शामिल किए जाने की चर्चा है।सूत्रों के अनुसार 5 से 7 नए चेहरों को मंत्री बनाया जा सकता है।
इन नेताओं के नाम चर्चा में
भूपेंद्र चौधरी, मनोज पांडे, अशोक कटारिया, पूजा पाल, श्रीकांत शर्मा, राजीव तरारा, कृष्णा पासवान और राजेश्वर सिंह जैसे नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं।
पुराने मंत्रियों के विभागों में बदलाव संभव
मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल किया जा सकता है, जिसमें कुछ को प्रमोशन मिलने की संभावना है।
4 मई की बैठक हो सकती है अहम
4 मई को होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक मौजूदा मंत्रियों के लिए अंतिम बैठक साबित हो सकती है, जिसके बाद बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।