जबलपुर के बरगी डैम में हुए इस हादसे को रविवार, 3 मई 2026 को चार दिन पूरे हो गए। चौथे दिन सर्च ऑपरेशन के दौरान 8 वर्षीय बच्चे का शव मिला। घटना स्थल के पास ही एक और शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान मयूरन के रूप में हुई है। वह तमिलनाडु के त्रिची का रहने वाला था। बताया जा रहा है कि उसके चाचा कामराज अभी भी लापता हैं। दोनों परिवार के साथ घूमने के लिए बरगी डैम आए थे।
मृतकों की संख्या 12 पहुंची
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। हादसे में जान गंवाने वाले पर्यटकों के शव उनके गृह राज्यों में भेजे जा रहे हैं। रविवार को शवों को कार्गो विमान के जरिए रवाना किया गया। मृतकों में तमिलनाडु और दिल्ली के निवासी भी शामिल हैं। इससे पहले शनिवार को दो बच्चों के शव बरामद किए गए थे।
कैसे हुआ था हादसा?
दरअसल, जबलपुर के बरगी डैम में 30 अप्रैल का दिन कई परिवारों के लिए काल बनकर आया। जहां हर दिन की तरह गुरुवार की शाम सैलानी क्रूज का आनंद ले रहे थे। इस बीच अचानक तेज हवा और आंधी चलने लगी, जिससे क्रूज डगमगाने लगा और देखते ही देखते पानी में डूबने लगा। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। इसके पहले संभल पाते कि क्रूज सवार 30 से ज्यादा लोग एक-एक कर डूबने लगे।