पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद भी सियासी गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। दूसरे चरण की वोटिंग के दौरान हुई हिंसा, भवानीपुर स्ट्रॉन्ग रूम में ममता बनर्जी का चार घंटे तक रुकना और 2 मई को रीपोलिंग के बाद दक्षिण 24 परगना की फालता सीट के सभी 285 बूथों पर 21 मई को दोबारा मतदान का ऐलान—ये सभी घटनाएं चर्चा में हैं।
इसी बीच भाजपा के सभी उम्मीदवार रविवार को अपने-अपने क्षेत्रों में मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करेंगे। वहीं, भाजपा की महिला कार्यकर्ता प्रदेशभर में स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर 24 घंटे सतर्कता प्रदर्शन करेंगी।
ममता बनर्जी का कार्यकर्ताओं को संदेश
शनिवार को पुरुलिया में ममता बनर्जी ने मतगणना से पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं के लिए वर्कशॉप आयोजित की। इस दौरान उन्होंने काउंटिंग एजेंट्स से कहा कि वे पूरी तरह सतर्क रहें और किसी भी स्थिति में काउंटिंग सेंटर न छोड़ें।
काउंटिंग सेंटर्स पर 3-लेयर सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव आयोग ने 4 मई को असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाली मतगणना के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। सभी काउंटिंग सेंटर्स पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।आयोग के अनुसार पहले और दूसरे स्तर पर पहचान पत्र (ID) की मैन्युअल जांच होगी, जबकि तीसरे और अंतिम स्तर पर QR कोड स्कैन करने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।QR कोड युक्त पहचान पत्र रिटर्निंग ऑफिसर, असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर, काउंटिंग स्टाफ, तकनीकी स्टाफ, उम्मीदवारों और उनके चुनाव एजेंटों को जारी किए गए हैं।