कोलकाता। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बिधाननगर में मतगणना से ठीक पहले माहौल तनावपूर्ण हो गया। रविवार को काउंटिंग सेंटर के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के समर्थकों के बीच कहासुनी ने अचानक झड़प का रूप ले लिया। हालात बिगड़ते देख पुलिस और केंद्रीय बलों को तुरंत मौके पर पहुंचना पड़ा, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज भी किया गया।
नारेबाजी से शुरू हुआ विवाद, झड़प तक पहुंचा मामला
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच पहले बहस हुई, जो धीरे-धीरे नारेबाजी में बदल गई। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और समर्थक आमने-सामने आ गए। कुछ ही देर में यह तनाव झड़प में बदल गया, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तुरंत हस्तक्षेप किया और दोनों पक्षों को अलग करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
दोनों पार्टियों के आरोप-प्रत्यारोप
भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपने कैंप में पार्टी के झंडे लगाकर माहौल भड़काने की कोशिश की, जिससे विवाद शुरू हुआ। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने पलटवार करते हुए दावा किया कि केंद्रीय बलों ने उनके समर्थकों पर लाठीचार्ज किया। हालांकि प्रशासन ने समय रहते हस्तक्षेप कर हालात को काबू में कर लिया और दोनों पक्षों के बीच बैरिकेड्स लगा दिए गए।
मतगणना से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम
घटना के बाद स्ट्रॉन्ग रूम और काउंटिंग सेंटर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि मतगणना के दिन किसी भी तरह के विजय जुलूस या पटाखे फोड़ने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। राज्यभर में कुल 77 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती होनी है, जिसके लिए सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
राजनीतिक पारा चढ़ा, ममता बनर्जी का निर्देश
इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के मतगणना एजेंटों को निर्देश दिया है कि जहां भाजपा 500 से 700 वोटों के अंतर से आगे हो, वहां तुरंत पुनर्गणना की मांग की जाए। उन्होंने एजेंटों को सतर्क रहने और मतगणना प्रक्रिया पर कड़ी नजर बनाए रखने को कहा है।